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कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन, डॉ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन, डॉ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ के आरंग विधानसभा क्षेत्र में जनसमस्याओं और प्रशासन की कथित निष्क्रियता को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में यह आंदोलन आरंग बस स्टैंड से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने राज्य सरकार पर विकास कार्यों को ठप करने और वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए।

जनसभा में सरकार के खिलाफ तीखे आरोप

आरंग बस स्टैंड पर आयोजित जनसभा में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य धीमे पड़ गए हैं और आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। डॉ. शिवकुमार डहरिया ने अपने संबोधन में कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि जनता की आवाज है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरंग क्षेत्र में अवैध गतिविधियां और कथित माफिया राज बढ़ रहा है, जिस पर प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।

पुलिस बैरिकेडिंग के बीच तनावपूर्ण स्थिति

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने नेताजी चौक स्थित मंत्री कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोश में बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिससे कुछ समय के लिए तनाव बढ़ गया।

12 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें क्षेत्र की 12 प्रमुख समस्याओं और मांगों को शामिल किया गया।

अवैध रेत खनन और भू-माफिया पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने महानदी क्षेत्र में मशीनों के जरिए हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। साथ ही आरंग नगर पालिका क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग और भू-माफिया गतिविधियों की जांच की भी मांग उठाई गई।कांग्रेस ने कहा कि इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

किसानों, बिजली और शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठे

प्रदर्शन में किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध न होने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। कांग्रेस ने सहकारी समितियों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा लगातार बिजली कटौती, अवैध शराब बिक्री और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई गई। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में संसाधनों की कमी और गिरते शैक्षणिक स्तर को लेकर भी चिंता जताई गई।

विकास कार्यों में देरी और भ्रष्टाचार पर सवाल

कांग्रेस ने पुराने बस स्टैंड के निर्माण कार्यों में देरी और मंदिर हसौद में तैयार नए तहसील भवन के लोकार्पण में विलंब को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही सरकारी दफ्तरों में कथित कमीशनखोरी और छोटे व्यापारियों से होने वाली अवैध वसूली पर भी रोक लगाने की मांग की गई।

 


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