मुकेश शर्मा, शाजापुर : इंदौर में दूषित पेयजल के सेवन से 16 लोगों की मौत के मामले ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाजापुर जिले के पोलायकलां में अल्प प्रवास के दौरान उन्होंने सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए इसे “जानलेवा सरकार” करार दिया।
कुणाल चौधरी का हमला
कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश में आम जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में भय, भूख और भ्रष्टाचार का माहौल है, जहां बिना लेन-देन के कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब पत्रकार जनहित के सवाल उठाते हैं, तो उन्हें टाल दिया जाता है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है।
विजयवर्गीय इस्तीफा दें...
उन्होंने सवाल किया कि जनता ने सरकार को सत्ता इसलिए सौंपी थी क्या कि वह जवाबदेही से बचती रहे। चौधरी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन करेगी।
प्रदेश में माफिया राज कायम
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी हमला बोलते हुए कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश में माफिया राज कायम है और मुख्यमंत्री स्वयं इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं। ऐसे में इंदौर में हुई मौतों की जिम्मेदारी से वे बच नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता अपनी जान देकर चुका रही है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इंदौर की तथाकथित “ट्रिपल इंजन” और “पांच इंजन” वाली सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि महापौर, मंत्री, पार्षद और प्रशासन होने के बावजूद शहर की जनता को शुद्ध पानी तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कभी बच्चों की चूहों के काटने से मौत होती है, तो कभी लापरवाह व्यवस्था में लोग जान गंवाते हैं।
चौधरी की मांग, हो मामला दर्ज
चौधरी ने मांग की कि इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए, महापौर के खिलाफ एफआईआर हो और मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश की जनता के सामने जवाब दें।