भोपाल : मध्य प्रदेश सहित देशभर में जश्न मनाने के लिए लोग पटाखे फोड़ते है। फिर चाहे वो शादी-बारात या फिर जन्मदिन ही क्यों न हो। लेकिन अब पटाखे फोड़ने के लिए कलेक्टर की परमिशन जरूरी होगी। इतना ही नहीं पटाखे फोड़ने के लिए समय भी निर्धारित कर दिया गया है।
NGT ने जारी किए सख्त आदेश
दरअसल, प्रदेश में बढ़ते प्रदुषण को देखते हुए NGT ने सख्त आदेश जारी कर यह साफ़ कर दिया है कि अब लोगों को दिवाली छोड़ अन्य दिनों में फटाके फोड़ने के लिए कलेक्टर की लिखित परमिशन लेनी होगी। साथ ही ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करना होगा। जिसके लिए सिर्फ 2 घंटे का समय दिया जायेगा।
लड़ियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि बेरियम साल्ट वाले पटाखों और सीरीज पटाखों (लड़ियों) के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा। इतना ही नहीं जिन शहरों की एयर क्वालिटी “मॉडरेट” या उससे खराब श्रेणी में है, वहां अधिकतम दो घंटे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। साथ ही बिना अनुमति लाउडस्पीकर और तेज ध्वनि वाले उपकरणों के उपयोग पर भी सख्ती बरतने को कहा गया है।
लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं
एनजीटी की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि उत्सव के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के पुराने आदेशों का सख्ती से पालन कराना राज्य सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।