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जिला संवाद कार्यक्रम 2026: कोरबा में विकास और बदलाव की तस्वीर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने डाला प्रकाश

जिला संवाद कार्यक्रम 2026: कोरबा में विकास और बदलाव की तस्वीर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने डाला प्रकाश

कोरबा : छत्तीसगढ़ का कोरबा भारत की ऊर्जा राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहां मुख्य रूप से बिजली उत्पादन होने के साथ ही कोयले के खदानें भी है। जो शहरवासियों को रोजगार देने में मदद करता है। ऐसे में आगामी समय में कोरबा शहर की विकास की तस्वीर कैसी होगी। इस बात की जानकारी कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शहर में आयोजित जिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से दी। 

पुलिस और प्रशासन साथ मिलकर कर रही काम 

कार्यक्रम के माध्यम से जब हरिभूमि के प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी ने विकास, बदलाव और समस्याओं को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत से रौशनी डालने को कहा तो उन्होंने कहा कि कोबरा उर्जाधानी क्षेत्र है। जहां विकास को बढ़ावा देने के लिए पुलिस और प्रशासन साथ मिलकर काम कर रही है। अभी जिले के जो भौगोलिक परिस्थिति है और विभिन्न प्रोजेक्ट जो जिले के अंतर्गत चल रहे हैं तो विगत एक माह में यही प्रयास किया गया है कि उनका एक बार निरीक्षण किया जाए और उनकी वास्तु स्थिति जमीनी स्तर पे कैसी है उसका जायजा लिया जाए।

शहरी नगर निगम क्षेत्र में जो प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं तो उनको देख के लिए एक जिले का एक परिदृश्य समझना और उसका एक परिदृश्य मैप तैयार करना कहां पे गैप्स हैं, कहां पे क्रियान्वयन को और अच्छा किया जा सकता है। इस पर प्लानिंग चल रही है। 

कलेक्टर ने आगे कहा की शहर क कुछ प्रमुख सड़कें हैं जिनको कि हम वैकल्पिक ट्रैफिक मार्ग के रूप में डेवलप करने के लिए प्लान कर रहे हैं। तो उनका भी आज विजिट कर रहे थे। जाए दररी से बरमपुर की सड़क हो या फिर सर मंगला से इमली छापर का जो रोड अंडर कंस्ट्रक्शन है या फिर उर्गा कटगोरा मार्ग से जहां पे सिटी की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट होता है तो उसके जो इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सिस्ट करता है कैनाल के साइड में उसका किस तरह से सुदृढ़ीकरण किया जाए तो उसका निरीक्षण कर रहे है।

जहां तक इंडस्ट्री की बात है, इंडस्ट्री के साथ में कुशल मैन पावर भी जिले में उपलब्ध हो। यह भी उतना ही इंपॉर्टेंट पहलू है क्योंकि हर एक इंडस्ट्री के लिए जितना जमीन और अध संरचना की आवश्यकता होती है, उतना ही लोगों को उसके साथ जुड़ाव हो तो कुशल मैन पावर भी उतनी ही परिदृश्य में अवेलेबल होना चाहिए। कुशल मैन पावर के लिए नेक्स्ट 10 टू 15 इयर्स में जो मैन पावर के रिक्वायरमेंट होंगे चाहे हमारे लोकल स्मॉल एमएसएमई उद्योग हो लघु उद्योग हो दीर्घ उद्योग हो या फिर मेजर इंडस्ट्रीज हो सभी के साथ में चर्चा करके उसको फाइनलाइज करेंगे।

शहर को ट्रैफिक से निजात दिलाना जरूरी 

शहर को सबसे पहले बायपास के माध्यम से इस ट्रैफिक से निजात दिलाना जरूरत है। निश्चित तौर पे जो कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ट्रैफिक है अगर वह शहर के बाहर से जाए तो निश्चित तौर पे सड़क की सुरक्षा भी बेहतर होती है और एक्सीडेंट के जो चांसेस हैं वो भी मिनिमाइज हो पाते हैं। इसी में सरमंगला इमली छापर जो रोड बना था उसके साथ कोरबा कटबोरा मार्ग का भी एक डीपीआर प्रशासन ने तैयार किया है। जिसको कि एससीएल अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी में फंड करेगा। एनएचआई इसको इंप्लीमेंट कर रही है।

डीआरएफ का बजट बहुत अधिक 

डीआरएस जिला खनिज न्यायास ट्रस्ट है । यह ट्रस्ट के माध्यम से मैनेज होता है । इसमें निकाय सबसे हाईएस्ट अथॉरिटी की बॉडी है जो जिला स्तर पर एग्जिस्ट करती है और शासकीय निकाय में कलेक्टर अध्यक्ष हैं। उनके साथ में सभी जो जनप्रतिनिधि हैं माननीय सांसद गण हैं, माननीय विधायक गण हैं। उनके अतिरिक्त में जो और खनन प्रभावित क्षेत्र हैं, उनके माननीय सरपंच गण भी उसके सदस्य हैं।

डीएमएफ का कंडक्ट मैं यह कहना चाहूंगा पूर्ण रूप से ट्रांसपेरेंट कंडक्ट डीएमएफ में नवीन गाइडलाइन में एनविसाज किया गया है और हमने यह सुनिश्चित भी किया है शासकीय परिषद की जितनी बैठक होंगी उनके जितने मिनट्स ऑफ मीटिंग है जो प्रोजेक्ट सेंशंड है वो डीएमएफटी की वेबसाइट पर अवेलेबल है पब्लिक का कोई भी व्यक्ति जाकर के जो कुछ भी डाउनलोड कर सकता है। इसको एक स्टेप और आगे ले जाते हुए हम रियल टाइम मॉनिटरिंग पोर्टल भी पब्लिक करने जा रहे हैं। अगले 2 से 3 महीने में हम उसका काम कंप्लीट कर देंगे।

रोजगार, सड़क, बिजली सहित विभिन मुद्दों पर की गई चर्चा

इस संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक एक साथ मौजूद रहे और जमीनी हकीकत के साथ साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति सहित विभिन मुद्दों पर  चर्चा कर शहर में विकास और बदलाव कैसा और कब होगा इसकी पूरी जानकारी दी। 


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