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MP IPS Service Meet 2026: सीएम मोहन का बड़ा ऐलान, प्रमोशन और भर्ती की घोषणा 

MP IPS Service Meet 2026: सीएम मोहन का बड़ा ऐलान, प्रमोशन और भर्ती की घोषणा 

MP IPS Service Meet 2026: राजधानी भोपाल के कुशाभाउ ठाकरे सभागार में आयोजित आईपीएस सर्विस मीट–2026 के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग को लेकर अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए कि प्रदेश में लंबे समय से रुके पुलिस अधिकारियों के प्रमोशन और नई भर्तियों की दिशा में सरकार जल्द ठोस कदम उठाने जा रही है।

प्रमोशन और भर्ती की सौगात

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पिछले 12 वर्षों से डीएसपी और एडिशनल एसपी के पदों पर प्रमोशन नहीं हो पाए हैं, लेकिन अब सरकार ने इस अड़चन को दूर करने का रास्ता निकाल लिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रमोशन को लेकर सकारात्मक खबर सामने आएगी। सीएम ने यह भी बताया कि सरकार 7,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पहले से चला रही है। इसके साथ ही पुलिस ड्राइवरों की भर्ती का प्रस्ताव भी जल्द भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे और जरूरी कामों में सरकार किसी तरह की बाधा नहीं आने देगी।

सिंहस्थ 2028 के लिए बल बढ़ाना जरूरी

इस अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को बीते वर्ष नक्सल समस्या से मुक्त करने में पुलिस को सफलता मिली है, लेकिन आने वाला उज्जैन सिंहस्थ 2028 पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। डीजीपी ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा व्यवस्था संभालना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में यदि रिक्त पद समय रहते नहीं भरे गए, तो बल की कमी से व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 और 2027 में तेजी से सुधार और भर्ती जरूरी है, ताकि सिंहस्थ के समय पर्याप्त बल उपलब्ध रहे।

एक सप्ताह में भेजा जाएगा भर्ती प्रस्ताव

डीजीपी कैलाश मकवाना ने जानकारी दी है कि पुलिस विभाग में कुछ कैडर की भर्तियां आठ साल बाद होने जा रही हैं। इनमें सब इंस्पेक्टर, सूबेदार, एएसआई और स्टेनोग्राफर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा आंतरिक विश्लेषण पूरा कर लिया गया है और एक सप्ताह के भीतर भर्ती की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। डीजीपी ने भरोसा जताया कि पुलिस भर्ती बोर्ड की स्थापना से चयन प्रक्रिया में तेजी आएगी।

इंवेस्टिगेशन अलाउंस की मंजूरी की मांग

डीजीपी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिसकर्मियों के लिए इंवेस्टिगेशन अलाउंस की मांग भी रखी। उन्होंने बताया कि इसका प्रस्ताव 6 जनवरी 2026 को राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। डीजीपी ने कहा कि देश के कई राज्यों में यह सुविधा पहले से लागू है। यदि मध्यप्रदेश में भी इसे मंजूरी मिलती है, तो इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा।


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