रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांस्टेबल भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा फैसला आया है। सर्वोच्च न्यायालय ने कांस्टेबल भर्ती मामले में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है।
अदालत के इस फैसले के बाद भर्ती की वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति को लेकर बनी कानूनी अड़चन दूर हो गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से 400 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति का लाभ मिल सकता है।
सरकार की SLP पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
कांस्टेबल भर्ती मामले में पहले दिए गए न्यायिक आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सरकार की ओर से विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर पूर्व आदेश में हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
मामले पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की SLP खारिज कर दी। इसके साथ ही वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता आगे बढ़ने की स्थिति में आ गया है।
तीन महीने में पूरी करनी होगी ज्वाइनिंग प्रक्रिया
इस मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने की। अदालत ने संबंधित पात्र अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक संबंधित प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी। अब विभाग के सामने पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति और ज्वाइनिंग से जुड़ी औपचारिकताएं तय समय में पूरी करने की जिम्मेदारी होगी।
लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे उम्मीदवार
कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग कानूनी विवाद के चलते आगे नहीं बढ़ पा रही थी। सरकार की SLP खारिज होने और तीन महीने के भीतर ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश के बाद इन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे उम्मीदवारों के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
400 से ज्यादा अभ्यर्थियों को मिल सकता है फायदा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब 400 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम रूप से लाभ उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा जो संबंधित भर्ती नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करते हैं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब विभागीय कार्रवाई पर है। तीन महीने की समय-सीमा के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।