रायपुर। छत्तीसगढ़ में पशुओं को प्रभावित करने वाली गंभीर और संक्रामक बीमारियों की समय पर पहचान के लिए राज्य सरकार जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाने जा रही है। इसके तहत राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित राज्य स्तरीय पशु चिकित्सालय परिसर में अत्याधुनिक RT-PCR लैब स्थापित की जाएगी। इस परियोजना के निर्माण और आवश्यक सुविधाओं के विकास पर लगभग 1.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई प्रयोगशाला शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ को पशु रोगों की जांच के लिए दूसरे राज्यों की लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश में ही आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने से रिपोर्ट मिलने में तेजी आएगी और बीमारी की पुष्टि के बाद नियंत्रण एवं उपचार संबंधी कदम जल्द उठाए जा सकेंगे।
दूसरे राज्यों की लैब पर निर्भरता होगी कम
वर्तमान में पशुओं में मिलने वाली कुछ गंभीर बीमारियों के नमूनों की जांच के लिए राज्य के बाहर स्थित विशेष प्रयोगशालाओं की सहायता लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में रिपोर्ट आने में अतिरिक्त समय लग सकता है। रायपुर में RT-PCR लैब स्थापित होने के बाद संबंधित नमूनों की जांच प्रदेश में ही की जा सकेगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज होने के साथ ही बीमारी की स्थिति का समय पर पता लगाने और संक्रमण फैलने से रोकने में पशु चिकित्सा विभाग को मदद मिलेगी।
लंपी, बर्ड फ्लू और अन्य संक्रमणों की होगी जांच
अत्याधुनिक RT-PCR तकनीक के माध्यम से पशुओं और पक्षियों में फैलने वाली कई संक्रामक बीमारियों की पहचान अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। इनमें लंपी वायरस, बर्ड फ्लू, ब्रुसेलोसिस सहित अन्य गंभीर संक्रमणों के नमूनों की जांच की सुविधा विकसित होने की उम्मीद है। बीमारी की जल्द पुष्टि होने पर प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक नियंत्रण उपाय तेजी से लागू किए जा सकेंगे। साथ ही संक्रमित पशुओं की पहचान, उपचार और संक्रमण की रोकथाम की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।
पशुपालन क्षेत्र को मिलेगा फायदा
छत्तीसगढ़ में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पशुओं में संक्रामक बीमारियों का फैलाव किसानों और पशुपालकों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे में राज्य में आधुनिक जांच सुविधा विकसित होने से रोगों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। संभावित संक्रमण की जानकारी समय पर मिलने पर पशु चिकित्सा अमला प्रभावित क्षेत्रों में जल्दी पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सकेगा।
बीमारी की रोकथाम में आएगी तेजी
विशेषज्ञ जांच सुविधाओं की उपलब्धता से पशु रोगों की पहचान में लगने वाला समय कम होने की संभावना है। बीमारी की पुष्टि जल्द होने पर संक्रमण को सीमित करने, प्रभावित पशुओं की देखभाल और आवश्यक रोकथाम उपायों को लागू करने में मदद मिलेगी। रायपुर में प्रस्तावित RT-PCR लैब को छत्तीसगढ़ की पशु स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लैब शुरू होने के बाद राज्य की जांच क्षमता बढ़ेगी और पशुओं में फैलने वाले संक्रामक रोगों पर निगरानी एवं नियंत्रण की व्यवस्था अधिक मजबूत हो सकेगी।