खैरागढ़: खैरागढ़ जिले में एक बड़ी पुलिस चूक सामने आई है, जहां लगभग 10 किलो कच्चा सोना (मूल्य लगभग 7.20 करोड़ रुपए) लेकर आ रही एक कार को पुलिस ने जांच के दौरान पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया। मामले का खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
खैरागढ़ के पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए गातापार थाना प्रभारी आलोक साहू, एसआई नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तैजान ध्रुव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
बिना दस्तावेज के मिला था सोना, फिर भी गाड़ी छोड़ दी
घटना शनिवार रात की है, जब गातापार थाना क्षेत्र में वाहनों की जांच के लिए बैरियर लगाया गया था। मध्यप्रदेश से आ रही एक संदिग्ध कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार की सीट के नीचे छिपा हुआ करीब 10 किलो कच्चा सोना मिला।
पूछताछ में कार सवार सोने के कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह सोना महाराष्ट्र से एमपी होते हुए छत्तीसगढ़ के गातापार जंगल मार्ग से लाया जा रहा था। इसका गंतव्य रायपुर था, जहां इसे एक बड़े व्यापारी को पहुंचाया जाना था।
दो हजार का चालान और छोड़ दी कार!
मीडिया सूत्रों के अनुसार, कार को चेक पॉइंट पर काफी देर तक रोके रखा गया था। इस दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की। सबसे हैरानी की बात यह रही कि थाना प्रभारी ने पूरी घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बिना, केवल 2,000 रुपए का चालान काटा और कार को छोड़ दिया।
एसपी ने लिया संज्ञान, विभागीय जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी लक्ष्य शर्मा ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों संबंधित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और कहा कि – “प्रारंभिक तथ्यों से प्रतीत होता है कि इसमें किसी बड़े लेन-देन की आशंका है। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, गाड़ी का नंबर ट्रेस कर उसके जरिए पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।