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जिसका करियर खत्म माना गया, वही फिर बना टीम इंडिया का हिस्सा; भुवनेश्वर की शानदार वापसी

जिसका करियर खत्म माना गया, वही फिर बना टीम इंडिया का हिस्सा; भुवनेश्वर की शानदार वापसी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में वापसी की कहानियां हमेशा खास होती हैं, लेकिन भुवनेश्वर कुमार की कहानी इसलिए अलग है क्योंकि उन्होंने लगभग चार साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद अपना हौसला नहीं खोया। 2022 के बाद टीम इंडिया से बाहर चल रहे भुवनेश्वर ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और अब 36 साल की उम्र में एक बार फिर भारतीय टीम का हिस्सा बनने में कामयाब रहे हैं। भुवनेश्वर की वापसी ने यह साबित किया है कि क्रिकेट में केवल रफ्तार और युवा उम्र ही सफलता का पैमाना नहीं है। गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी पुरानी कला आज भी उन्हें दूसरे गेंदबाजों से अलग बनाती है।

2022 के बाद लगभग खत्म माना जा रहा था करियर

भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2022 में खेला था। इसके बाद लगातार युवा और तेज गेंदबाजों को मौका मिलने के कारण वह टीम इंडिया की योजनाओं से बाहर होते चले गए। टी20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। एडिलेड में भारतीय गेंदबाजी पर एलेक्स हेल्स और जोस बटलर ने जमकर दबाव बनाया। इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे में भी भुवनेश्वर की गेंदबाजी को लेकर सवाल उठे। उस दौर में ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम के लिए उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो चुका है। लेकिन भुवनेश्वर ने आलोचनाओं का जवाब बयानबाजी से नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और प्रदर्शन से दिया।

उम्र बढ़ी, लेकिन स्विंग का जादू कायम

भुवनेश्वर कुमार की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्विंग गेंदबाजी रही है। नई गेंद से गेंद को बाहर की ओर ले जाना यानी आउटस्विंग और अचानक अंदर आती गेंद उनकी गेंदबाजी के प्रमुख हथियार हैं। भले ही अब उनकी रफ्तार पहले जैसी नहीं रही हो, लेकिन लाइन-लेंथ, गेंद को हवा में मूव कराने की क्षमता और बल्लेबाज को गलती करने के लिए मजबूर करने का हुनर आज भी बरकरार है। यही वजह है कि भुवनेश्वर को केवल तेज गेंदबाज के रूप में देखना उनकी पूरी क्षमता को नजरअंदाज करना होगा। उनके अनुभव और परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता भी उन्हें खास बनाती है।

IPL में शानदार प्रदर्शन ने खोला टीम इंडिया का रास्ता

भुवनेश्वर कुमार की वापसी में आईपीएल प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। 2025 और 2026 के सीजन को मिलाकर उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 45 विकेट हासिल किए। आरसीबी की बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और क्रुणाल पंड्या जैसे नामों की चर्चा ज्यादा रही, लेकिन गेंदबाजी विभाग में भुवनेश्वर लगातार प्रभावी बने रहे। नई गेंद से स्विंग, सटीक लाइन-लेंथ और दबाव के समय गेंदबाजी करने का उनका अनुभव आरसीबी के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को यह संदेश दिया कि कम रफ्तार का मतलब कम प्रभावी गेंदबाजी नहीं है।

मेरठ की क्रिकेट परंपरा से निकले भुवी

भुवनेश्वर कुमार उत्तर प्रदेश के मेरठ से आते हैं। मेरठ का भारतीय क्रिकेट से पुराना रिश्ता रहा है और यह शहर क्रिकेट उपकरणों के साथ-साथ स्विंग गेंदबाजों के लिए भी जाना जाता है। भुवनेश्वर से पहले प्रवीण कुमार ने भी अपनी स्विंग गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाई थी। भुवनेश्वर ने आगे चलकर उसी परंपरा को अपनी गेंदबाजी शैली से नई पहचान दी। गेंद को हवा में दोनों तरफ मूव कराने की उनकी क्षमता लंबे समय तक उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी रही।

टीम से बाहर होने के बाद नहीं खोया धैर्य

भुवनेश्वर कुमार की वापसी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनका धैर्य रहा। टीम से बाहर किए जाने के बाद उन्होंने चयनकर्ताओं पर सार्वजनिक तौर पर सवाल नहीं उठाए और न ही अपने भविष्य को लेकर लगातार बयान दिए। इसके बजाय उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेला और अपनी गेंदबाजी पर काम जारी रखा। युवा खिलाड़ियों के बीच अपना अनुभव साझा करने के साथ-साथ उन्होंने आईपीएल में भी खुद को साबित किया। यही निरंतरता आखिरकार उनके लिए टीम इंडिया का दरवाजा दोबारा खोलने में सफल रही।

अगरकर के जाने के बाद बदली तस्वीर

भुवनेश्वर की वापसी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा चयन समिति में बदलाव के संदर्भ में हो रही है। अजित अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए टीम में भविष्य को ध्यान में रखकर युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने की रणनीति दिखाई दी थी। अब चयन समीकरण बदलने के साथ भुवनेश्वर कुमार को एक और मौका मिला है। चार साल पहले जिस खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय करियर को लगभग खत्म माना जा रहा था, वही अब दोबारा भारतीय जर्सी पहनने की तैयारी में है।

क्या मोहम्मद शमी की भी हो सकती है वापसी?

भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद भारतीय क्रिकेट में एक और सवाल चर्चा में आ गया है—क्या अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की भी वापसी संभव है? भुवनेश्वर की वापसी को लेकर एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी और बीसीसीआई अधिकारी ने मजाकिया अंदाज में पीटीआई से कहा कि अगर भुवनेश्वर वापस आ सकते हैं तो मोहम्मद शमी भी ज्यादा दूर नहीं हैं। हालांकि शमी की वापसी का फैसला उनकी फिटनेस, प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति पर निर्भर करेगा।

भुवी की वापसी ने दिया बड़ा संदेश

भुवनेश्वर कुमार की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की वापसी नहीं है। यह इस बात का उदाहरण भी है कि अनुभव, कौशल और लगातार मेहनत को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2022 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हुए भुवनेश्वर ने चार साल तक इंतजार किया, अपनी गेंदबाजी पर भरोसा रखा और आईपीएल में खुद को साबित किया। अब 36 साल की उम्र में उनकी टीम इंडिया में वापसी ने यह दिखा दिया है कि क्रिकेट में वापसी की कोई तय उम्र नहीं होती। उनका सबसे पुराना हथियार-स्विंग-आज भी उतना ही प्रभावी है और इसी के दम पर भुवनेश्वर कुमार ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बना ली है।
 


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