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बस्तर में फिर बढ़ने लगा मलेरिया का खतरा, 2026 में अब तक 15,934 मरीज; मिक्स मलेरिया ने बढ़ाई चिंता

बस्तर में फिर बढ़ने लगा मलेरिया का खतरा, 2026 में अब तक 15,934 मरीज; मिक्स मलेरिया ने बढ़ाई चिंता

जगदलपुर। कभी देश के सबसे अधिक मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाने वाले बस्तर संभाग में पिछले कुछ वर्षों में मलेरिया नियंत्रण को लेकर उल्लेखनीय सफलता मिली थी। हालांकि अब हालात फिर चिंता बढ़ाने लगे हैं। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के बावजूद वर्ष 2026 में अब तक 15,934 मलेरिया संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मिक्स मलेरिया (P. Falciparum और P. Vivax) के मामले भी बढ़ रहे हैं, जो सामान्य संक्रमण की तुलना में अधिक गंभीर माने जाते हैं।

2015 के मुकाबले बड़ी कमी, लेकिन फिर बढ़ने लगे मामले

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2015 की तुलना में बस्तर में मलेरिया के मामलों में 70 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई थी। इसके बावजूद पिछले दो वर्षों में संक्रमण के आंकड़ों में दोबारा बढ़ोतरी देखी जा रही है।

2024: 4,496 मरीज
2025: 16,544 मरीज
2026 (अब तक): 15,934 मरीज

इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

लाखों लोगों की जांच, फिर भी संक्रमण कायम

मलेरिया नियंत्रण के लिए हर साल बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया जा रहा है।

वर्ष    जांच    पॉजिटिव मरीज
2020    36.57 लाख    62,281
2021    37.44 लाख    30,409
2022    53.77 लाख    16,066
2023    33.23 लाख    14,195
2024    12.52 लाख    4,496
2025    28.31 लाख    16,544
2026*    22.29 लाख    15,934

बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस वर्ष सबसे अधिक मलेरिया मरीज बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में मिले हैं। घने जंगल, दूरस्थ गांव और स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच न होना संक्रमण नियंत्रण में बड़ी चुनौती बना हुआ है।

इसी बीच कांकेर में मलेरिया से हुई मौतों ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

मिक्स मलेरिया क्यों है खतरनाक?

विशेषज्ञों के अनुसार इस बार कई मरीजों में P. Falciparum और P. Vivax दोनों परजीवियों का एक साथ संक्रमण पाया गया है।

मिक्स मलेरिया के दौरान मरीज में—

तेज बुखार
ठंड लगना
सिरदर्द
उल्टी
अत्यधिक कमजोरी

खून की कमी

जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में संक्रमण दिमाग, किडनी और लीवर को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं P. Vivax संक्रमण दोबारा लौटने की आशंका बढ़ाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता

बस्तर संभाग में फिलहाल मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का 14वां चरण चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाई जाए और बुखार आने पर लोगों को झाड़-फूंक के बजाय तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाए।

संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी कठिन परिस्थितियों में गांव-गांव जाकर जांच और उपचार कर रहे हैं तथा लोगों को समय पर इलाज के लिए जागरूक किया जा रहा है।


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