उज्जैन : मध्य प्रदेश सहित देशभर में आयुष इंटर्न डॉक्टर्स स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर आंदोलन कर रहे है। इसी कड़ी में उज्जैन आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के छात्र-छात्राएं ने समान स्टाइपेंड की मांग को लेकर मंगलवार को भूख हड़ताल के साथ सद्बुद्धि यज्ञ किया और शासन-प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की।
5 अक्टूबर से आंदोलन जारी
स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर डॉ. मुस्कान मंडावत और डॉ. अंजली राठौर 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठीं है। उनका कहना है कि महाविद्यालय के करीब 250 इंटर्न विद्यार्थी 5 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन फिर भी उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
9,383 स्टाइपेंड मिलता है
विद्यार्थियों के अनुसार, आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ है। विद्यार्थियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें ₹9,383 स्टाइपेंड मिल रहा है। जो की देश के 15 राज्यों में सबसे कम है।
उचित स्टाइपेंड की मांग
छात्रों का कहना है कि वे ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाओं, पंचकर्म, प्रसूति एवं स्त्री रोग सहित विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं देते हैं। लेकिन फिर भी उन्हें उचित स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है।
लिखित आदेश पर टिकी सबकी नजर
विद्यार्थियों ने मांग की है कि उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए स्टाइपेंड में उचित वृद्धि की जाए और अन्य चिकित्सा पद्धतियों के इंटर्न विद्यार्थियों के समान स्टाइपेंड निर्धारित किया जाए। छात्रों ने साफ़ कहा है कि जब तक समान स्टाइपेंड का लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।