नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों के बाद केंद्र सरकार अब सख्त कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' लोकसभा से पारित होने के बाद अब गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। सदन में इस पर चर्चा के बाद सरकार इसे पारित कराने की कोशिश करेगी। लोकसभा में विधेयक ध्वनि मत से पारित हो चुका है। अब सभी की नजर राज्यसभा पर है, जहां भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण सरकार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा की परीक्षा
पेपर लीक और परीक्षा में धांधली को रोकने के उद्देश्य से लाए गए इस संशोधन विधेयक को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में पेश किया था। लोकसभा में इस पर दो दिनों तक चर्चा हुई, जिसके बाद सदन ने इसे ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। अब राज्यसभा में इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा होगी। विपक्ष सरकार से पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा सकता है, लेकिन संख्या बल के आधार पर सरकार को विधेयक पारित कराने में ज्यादा मुश्किल नहीं दिख रही।
राज्यसभा में क्या है नंबरगेम?
राज्यसभा की कुल स्वीकृत सदस्य संख्या 245 है, लेकिन फिलहाल 3 सीटें रिक्त होने के कारण सदन में 242 सदस्य हैं।
सामान्य विधेयक पारित कराने के लिए 122 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।
राज्यसभा का गणित
कुल प्रभावी सदस्य : 242
बहुमत का आंकड़ा : 122
NDA के सांसद : 152
INDIA गठबंधन :63
अन्य दल :29
इस गणित के अनुसार एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में विपक्ष के एकजुट होने के बावजूद सरकार के लिए बिल पारित कराना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।
क्या है एंटी पेपर लीक बिल?
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना, पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई करना और छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है।
बिल में क्या हैं सख्त प्रावधान?
प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
मुख्य प्रावधान:
पेपर लीक के दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की जेल।
50 लाख रुपये तक जुर्माना।
संगठित अपराध की स्थिति में 7 वर्ष या उससे अधिक की सजा।
ऐसे मामलों में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।
जांच 60 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
प्रतिदिन सुनवाई कर मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का दावा है कि नया कानून लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही दोषियों पर त्वरित कार्रवाई कर छात्रों का विश्वास बहाल किया जाएगा।