कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर अंतागढ़ में जनआंदोलन का माहौल देखने को मिला। अंतागढ़ जिला निर्माण एवं विकास समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी सड़क पर उतरे और रैली निकालकर सरकार से अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग की।
रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। यहां समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम अंतागढ़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए सरकार से मांग की गई कि अंतागढ़ को जल्द स्वतंत्र जिला घोषित किया जाए।
'जिला बनने से तेज होगा क्षेत्र का विकास'
समिति का कहना है कि अंतागढ़ का भौगोलिक क्षेत्र काफी बड़ा है और कई गांव बेहद दूरस्थ एवं अंदरूनी इलाकों में स्थित हैं। ऐसे क्षेत्रों के लोगों को प्रशासनिक कामकाज के लिए कांकेर जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
समिति के मुताबिक, अंतागढ़ के जिला बनने से लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
'अंतागढ़ को जिला बनाओ' के नारों से गूंजा शहर
रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने 'अंतागढ़ को जिला बनाओ' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से क्षेत्र की पुरानी मांग पर जल्द फैसला लेने की अपील की।
समिति ने कहा कि यह मांग केवल प्रशासनिक सुविधा तक सीमित नहीं है। इसके पीछे क्षेत्र के विकास, बेहतर सरकारी सेवाओं और स्थानीय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देने की भावना भी जुड़ी हुई है।
CM के नाम सौंपा ज्ञापन
आंदोलन के दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग को जल्द स्वीकार करने का आग्रह किया गया।
समिति ने सरकार से उम्मीद जताई कि क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द निर्णय लिया जाएगा।
2012 से उठ रही है जिला बनाने की मांग
अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग कोई नई नहीं है। समिति और क्षेत्रवासियों के अनुसार, वर्ष 2012 से लगातार अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग उठाई जा रही है।
पूर्व में कांग्रेस शासनकाल के दौरान अंतागढ़ को उप जिले का दर्जा दिया गया था। साथ ही यहां ADM और ASP स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना भी की गई थी। इसके बावजूद क्षेत्र में विकास और प्रशासनिक सुविधाओं को लेकर लोगों की अपेक्षाएं पूरी नहीं होने की बात समिति की ओर से कही जा रही है।
अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर
लंबे समय बाद अंतागढ़ में एक बार फिर जिला निर्माण की मांग को लेकर लोगों की सक्रियता बढ़ी है। रैली और ज्ञापन के जरिए समिति ने सरकार तक अपनी बात पहुंचा दी है।
अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग पर क्या निर्णय लेती है।