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RTI नियमों पर अन्ना हजारे का बड़ा आंदोलन, 5 जुलाई से भूख हड़ताल की चेतावनी

RTI नियमों पर अन्ना हजारे का बड़ा आंदोलन, 5 जुलाई से भूख हड़ताल की चेतावनी

Anna Hazare RTI Protest: देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) नियमों में किए गए बदलावों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इन संशोधनों को गैर-कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कहा है कि यदि 12 जून 2026 को लागू किए गए नए RTI नियम वापस नहीं लिए गए, तो वह 5 जुलाई से अपने गांव रालेगण सिद्धि स्थित यादव बाबा मंदिर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

'RTI कानून को कमजोर कर देंगे नए नियम'

हजारे का आरोप है कि महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026 RTI एक्ट 2005 की मूल भावना के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि नए नियमों से आम नागरिकों की सूचना तक पहुंच सीमित हो जाएगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता कम होगी। उन्होंने कहा कि RTI कानून का उद्देश्य जनता को जानकारी उपलब्ध कराना है, न कि उसे जटिल प्रक्रियाओं में उलझाना।

फीस बढ़ाने पर उठाए सवाल

अन्ना हजारे ने RTI आवेदन शुल्क बढ़ाने के फैसले पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फीस बढ़ाने के पीछे कोई स्पष्ट वित्तीय अध्ययन या ठोस कारण नहीं बताया है।

उन्होंने पत्र में लिखा कि RTI कोई राजस्व जुटाने वाला कानून नहीं है। यदि आवेदन शुल्क बढ़ाया जाता है तो सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर लगने वाली पेनल्टी भी बढ़ाई जानी चाहिए।

पहचान पत्र अनिवार्य करने का विरोध

हजारे ने RTI आवेदन के साथ पहचान पत्र (ID Proof) अनिवार्य करने का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि RTI एक्ट की धारा 6(2) के अनुसार आवेदक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी या सूचना मांगने का कारण बताने की आवश्यकता नहीं होती।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के नियम व्हिसलब्लोअर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

'एक विषय, एक आवेदन' नियम पर भी आपत्ति

नए नियमों में शामिल "एक विषय, एक आवेदन" व्यवस्था पर भी अन्ना हजारे ने सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार यह नियम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा और सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाएगा।

उन्होंने कहा कि बार-बार आवेदन किए जाने की स्थिति में उन्हें बंद करने का प्रावधान लोगों को पूरी और अद्यतन जानकारी प्राप्त करने से वंचित कर सकता है।

सुनवाई और अपील प्रक्रिया पर भी जताई चिंता

अन्ना हजारे ने सूचना आयोग की कार्यवाही से जुड़े कई अन्य प्रावधानों पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। इनमें शामिल हैं:

आवेदक से सूचना मांगने का उद्देश्य पूछना

सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर अपील खारिज करना

आवेदक की मृत्यु होने पर मामला स्वतः बंद करना

सूचना आयोग की सुनवाई के दौरान कानूनी सहायता पर प्रतिबंध

हजारे का कहना है कि ऐसे नियम नागरिक अधिकारों को कमजोर करेंगे और सूचना के अधिकार कानून की प्रभावशीलता को प्रभावित करेंगे।

5 जुलाई से शुरू होगा अनशन

अपने पत्र में अन्ना हजारे ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इन संशोधनों को वापस नहीं लेती है तो वह 5 जुलाई से रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के सूचना के अधिकार की रक्षा के लिए है। हजारे ने यहां तक कहा कि वह अपने आंदोलन को अंतिम सांस तक जारी रखने के लिए तैयार हैं।महाराष्ट्र सरकार के नए RTI नियमों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकता है। अन्ना हजारे का आंदोलन सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है, वहीं RTI कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों की नजर भी इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।


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