राजधानी रायपुर के नकटी क्षेत्र में प्रस्तावित नए विधायक आवास प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। परियोजना के स्थान परिवर्तन और स्थानीय परिवारों के विस्थापन को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूमि का चयन और आवंटन सरकार का नीतिगत निर्णय है, जिसे लेकर अनावश्यक राजनीति की जा रही है।
'चिट्ठियां लिखने से सरकार का फैसला नहीं बदलेगा'
कांग्रेस विधायकों द्वारा परियोजना का स्थान बदलने की मांग पर अजय चंद्राकर ने कहा कि केवल पत्र लिखने से सरकारी निर्णय प्रभावित नहीं होते। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन पूरी तरह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विधायक को नए सरकारी आवास में रहना उचित नहीं लगता, तो वह उसमें रहने से इनकार कर सकता है, लेकिन विकास परियोजनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
प्रभावित परिवारों से बातचीत करने की दी सलाह
पूर्व मंत्री ने कहा कि परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों की चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पुनर्वास व्यवस्था को लेकर लोगों में असंतोष है, तो प्रशासन को सीधे प्रभावित परिवारों से संवाद कर समाधान निकालना चाहिए। उनके अनुसार बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हो और लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
कांग्रेस नेतृत्व से पूछे कई सवाल
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि क्या उन्होंने प्रभावित परिवारों और उनके भूमि संबंधी दावों का कोई तथ्यात्मक सर्वे कराया है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से पहले वास्तविक स्थिति और उपलब्ध आंकड़ों को सामने रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कांग्रेस प्रभावित लोगों को अतिरिक्त भूमि देने की मांग पर खुलकर अपनी राय रखेगी।
विकास बनाम राजनीति की बहस
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए विकास परियोजनाओं को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत और पुनर्वास की प्रक्रिया के जरिए इस पूरे मामले का समाधान निकालने के पक्ष में है और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।