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AI ने नेताओं को पहुंचाया 40 साल पीछे, छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक मचा रेट्रो तस्वीरों का क्रेज

AI ने नेताओं को पहुंचाया 40 साल पीछे, छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक मचा रेट्रो तस्वीरों का क्रेज

80s AI Photo Trend: आजकल सोशल मीडिया पर AI का एक नया ट्रेंड लोगों को 1980 के दशक की याद दिला रहा है। '80s AI फ़ोटो ट्रेंड' की मदद से लोग अपनी मौजूदा फ़ोटो को ऐसी तस्वीरों में बदल सकते हैं, जो 1980 के दशक में ली गई हों। इसमें चेहरा तो वही रहता है, लेकिन फ़ोटो में कपड़े, हेयरस्टाइल, मेकअप, बैकग्राउंड, पोज़ और पूरा स्टाइल बिल्कुल उस दौर जैसा दिखता है।

दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड अब सिर्फ़ आम सोशल मीडिया यूज़र्स तक ही सीमित नहीं है। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और बॉलीवुड सेलिब्रिटी जैसी जानी-मानी हस्तियां भी 80 के दशक के इस रेट्रो स्टाइल में नज़र आ रही हैं। पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू और शिवराज सिंह चौहान जैसे केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी इस ट्रेंड में शामिल हुए हैं। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री रामविचार नेताम की तस्वीरें भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

किसी ने लगाया Retro चश्मा, किसी ने बदला Hairstyle, AI ने बदल दिया पूरा दौर

इस ट्रेंड की खासियत सिर्फ इमेज को पुराना लुक देना नहीं है। सामान्य vintage filter में जहां केवल colour tone, brightness या grain बदला जाता है, वहीं AI तस्वीर के कई हिस्सों को नए सिरे से तैयार कर सकता है। 80 के दशक के ट्रेंड में बड़े और घने बाल, चौड़े कॉलर वाली शर्ट, हाई-वेस्ट ट्राउज़र, रेट्रो सनग्लासेस, रंग-बिरंगी साड़ियाँ, खास तरह की ज्वेलरी और उस दौर का खास मेकअप स्टाइल शामिल हैं।इसके साथ warm studio lighting, soft focus, हल्के faded colours और analog film grain तस्वीर को पुरानी photograph जैसा एहसास देते हैं। कई तस्वीरों में पुराने फोटो स्टूडियो जैसा backdrop भी नजर आता है।यही वजह है कि तस्वीर को देखकर कुछ सेकंड के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि यह वास्तव में 1980s की photograph है या आज के समय में AI से तैयार की गई image।

छत्तीसगढ़ में भी नेताओं पर चढ़ा 80s का रंग

वायरल ट्रेंड का असर छत्तीसगढ़ में भी साफ नजर आ रहा है। क्योंकि प्रदेश के बड़े राजनीतिक चेहरों की 80s-style तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की तस्वीर को भी 80s के अंदाज में देखा जा रहा है। उनका जाना-पहचाना चेहरा बरकरार रखते हुए AI ने उनकी तस्वीर की styling और photography को पुराने दौर के अनुरूप दिखाया गया है।राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रमन सिंह का यह अलग अंदाज लोगों के लिए इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि आम तौर पर उनकी तस्वीरें राजनीतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी नजर आती हैं। ऐसे में retro look ने उनकी छवि को बिल्कुल अलग visual touch दिया।

विष्णु देव साय भी दिखे Retro अवतार में

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पीछे नहीं रहे उनकी भी 80s-inspired तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में रही। तस्वीर में उनके चेहरे की पहचान को बनाए रखते हुए पुराने दौर की styling और photography का इस्तेमाल किया गया है।मुख्यमंत्री की मौजूदा सार्वजनिक छवि से बिल्कुल अलग यह retro अंदाज इस बात की झलक देता है कि AI किस तरह किसी व्यक्ति की तस्वीर को अलग-अलग समय और visual era में पेश कर सकता है।

रामविचार नेताम ने भी अपनाया 80s Style

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रामविचार नेताम भी इस ट्रेंड में शामिल हुए। उन्होंने 80s style वाली अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।उनकी पोस्ट में trend को लेकर उत्साह भी देखने को मिला। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में यह ट्रेंड केवल युवाओं के बीच चलने वाला सोशल मीडिया experiment नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक चेहरों तक भी पहुंच गया।

दिल्ली से भी सामने आए नेताओं के Retro Look

छत्तीसगढ़ के बाद केंद्र की राजनीति से जुड़े कई बड़े नेताओं के 80s अंदाज ने भी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की 80s-style तस्वीर सोशल मीडिया पर खास चर्चा में रही। retro outfit और sunglasses ने उनके look को पुराने हिंदी सिनेमा के नायकों जैसा touch दिया।तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने उनके अंदाज पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों को उनका look पुराने Bollywood heroes की याद दिलाता नजर आया।

शिवराज सिंह चौहान भी बने Retro Hero

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर ने भी इस trend में लोगों का ध्यान खींचा। AI की मदद से उनके मौजूदा look को 80s-inspired अंदाज दिया गया, जिसमें उस दौर की photography और styling का प्रभाव नजर आया।शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक पहचान से अलग यह अंदाज सोशल मीडिया के लिए एक हल्का-फुल्का और nostalgic moment बन गया।

किरण रिजिजू का भी दिखा Vintage अंदाज

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी 80s-inspired तस्वीर के जरिए इस वायरल trend में हिस्सा लिया। उनके look में retro fashion और पुराने दौर की styling साफ दिखाई दी।इससे यह भी सामने आया कि यह trend किसी एक तरह के व्यक्ति या उम्र तक सीमित नहीं है। हर कोई अपनी personality के हिसाब से 80s का अलग look तैयार कर सकता है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने जोड़ा Nostalgia का तड़का

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी इस trend में नजर आए। उनकी 80s-inspired तस्वीर ने इस trend के उस पहलू को सामने रखा जिसमें AI के साथ nostalgia को जोड़ा जा रहा है।पुराने दौर की याद और आज की technology का यह combination लोगों को खासा पसंद आ रहा है।

आखिर क्यों इतना वायरल हो रहा है 80s AI Photo Trend?

इस पूरे ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ा कारण nostalgia यानी पुराने दौर की याद है।आज की digital photography में तस्वीरें बेहद sharp, clean और polished होती हैं। इसके मुकाबले 1980s की photographs में film grain, soft focus, हल्के faded colours और natural imperfections दिखाई देते थे।AI इन्हीं visual elements को आधुनिक तस्वीरों के साथ जोड़कर एक ऐसा look तैयार कर रहा है, जो लोगों को पुराने फोटो एल्बम और Bollywood के दौर की याद दिलाता है।इसके अलावा लोगों में यह curiosity भी है कि “अगर मैं 80s में होता तो कैसा दिखता?” यही सवाल इस trend को personal बना देता है।

Parents और Family Photos तक पहुंचा Trend

इस trend की एक खास बात यह भी है कि लोग सिर्फ अपनी selfie को ही retro नहीं बना रहे हैं। कई यूजर्स अपने माता-पिता, भाई-बहन, दोस्तों और पार्टनर की तस्वीरों को भी 80s style में बदल रहे हैं।पुराने family albums से जुड़ी भावनाओं के कारण यह trend कई लोगों के लिए सिर्फ entertainment नहीं, बल्कि nostalgia का जरिया बन गया है।आज की तस्वीर को देखकर लोग कल्पना कर रहे हैं कि वही व्यक्ति अगर 1980s के दौर में photograph खिंचवाता तो कैसा दिखाई देता।

Vintage Filter से कितना अलग है यह Trend?

यह सवाल भी काफी अहम है कि आखिर AI-generated 80s photo और पुराने vintage filter में अंतर क्या है?सामान्य filter तस्वीर के रंग और texture को बदलता है। लेकिन AI किसी तस्वीर में कपड़े, hairstyle, accessories, background, lighting और overall styling तक बदल सकता है।यानी यहां सिर्फ फोटो को पुराना दिखाने की कोशिश नहीं होती, बल्कि पूरी तस्वीर को एक खास समय और माहौल के हिसाब से recreate किया जाता है।
इसी वजह से AI वाली तस्वीरें ज्यादा detailed और कई बार ज्यादा realistic नजर आती हैं।

लेकिन एक बात का रखें ध्यान

AI से तैयार की गई तस्वीर कितनी भी वास्तविक क्यों न दिखाई दे, वह 1980s की असली photograph नहीं होती। यह मौजूदा तस्वीर के आधार पर तैयार की गई एक AI-generated या AI-edited image होती है।इसलिए ऐसी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर करते समय यह स्पष्ट करना बेहतर है कि image AI की मदद से तैयार की गई है। खासकर तब, जब तस्वीर को देखकर किसी व्यक्ति को यह भ्रम हो सकता है कि वह वास्तव में पुराने समय की original photograph है।

AI ने लौटाया 80s, लेकिन नए अंदाज में

सोशल मीडिया पर 80 के दशक के AI फ़ोटो ट्रेंड ने एक दिलचस्प बदलाव ला दिया है। जहाँ AI को अक्सर भविष्य, futuristic avatars और नई digitalदुनिया से जोड़ा जाता है, वहीं इस बार यह ट्रेंड लोगों को पुराने समय की याद दिला रहा है। छत्तीसगढ़ के नेताओं से लेकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और बॉलीवुड हस्तियों तक, अलग-अलग लोग अपने अनोखे अंदाज़ में इस ट्रेंड को अपना रहे हैं।

एक तरफ़ नई AI टेक्नोलॉजी है, तो दूसरी तरफ़ 1980 के दशक का फ़ैशन, बॉलीवुड और एनालॉग फ़ोटोग्राफ़ी। लोगों को यह मिला-जुला अंदाज़ पसंद आ रहा है क्योंकि यह सिर्फ़ तस्वीर बदलने की बात नहीं है—यह एक पूरे दौर को फिर से ज़िंदा कर देता है। दूसरे शब्दों में कहें तो, इस बार AI ने लोगों को भविष्य की तस्वीर नहीं दिखाई—बल्कि उन्हें उनकी अपनी ही तस्वीर में 40 साल पुराना एक नया रूप दिखाया।


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