तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने गुरुवार, 21 मई को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव किया है। चेन्नई के लोक भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कुल 23 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार के साथ ही सरकार की कार्यप्रणाली और गठबंधन समीकरण दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं।
21 TVK और 2 कांग्रेस विधायकों को मिला मंत्री पद
नए मंत्रिमंडल में सबसे बड़ा हिस्सा सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायकों का रहा। कुल 21 TVK विधायकों को मंत्री बनाया गया है, जबकि सहयोगी दल कांग्रेस के 2 विधायकों को भी कैबिनेट में जगह दी गई है।
कांग्रेस की ओर से एस. राजेश कुमार (किलीयूर सीट) और पी. विश्वनाथन (मेलूर सीट) ने मंत्री पद की शपथ ली। उनकी एंट्री को राज्य की राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
1967 के बाद पहली बार कांग्रेस सरकार में शामिल
तमिलनाडु की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है, क्योंकि 1967 के बाद यह पहली बार है जब कांग्रेस औपचारिक रूप से राज्य सरकार का हिस्सा बनी है।
अब तक राज्य की द्रविड़ राजनीति में प्रमुख दलों जैसे डीएमके और एआईएडीएमके ने गठबंधन सहयोगियों को सरकार में जगह देने से परहेज किया था। ऐसे में कांग्रेस की एंट्री को राजनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
मंत्रियों की लंबी सूची, कई नए चेहरे शामिल
नए मंत्रिमंडल में कई नए और युवा चेहरों को जगह दी गई है। TVK के जिन प्रमुख विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उनमें ए. श्रीनाथ, कमली एस., सी. विजयलक्ष्मी, आर. विनोद, बी. राजकुमार, वी. गांधीराज, मथन राजा पी., जगदेश्वरी के., एम. विजय बालाजी और अन्य शामिल हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के दो मंत्रियों के साथ कुल कैबिनेट 23 नए सदस्यों के साथ विस्तारित हुआ है।
सहयोगी दल IUML और VCK को नहीं मिली जगह
इस विस्तार में सरकार के दो अन्य प्रमुख सहयोगी दलों—इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथाईगल कात्ची (VCK)—को फिलहाल मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है।
दोनों दलों के पास विधानसभा में दो-दो विधायक हैं और सरकार में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। मुख्यमंत्री ने दोनों दलों को सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन फिलहाल नाम तय न होने के कारण इन्हें इस विस्तार में जगह नहीं मिल सकी।
IUML ने सरकार में शामिल होने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है, लेकिन अपने मंत्रियों के नाम तय नहीं कर पाया है। वहीं VCK ने भी एक नाम TVK नेतृत्व को भेजा है, जिसे भविष्य में शामिल किया जा सकता है।
कैबिनेट में अभी भी तीन पद खाली
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार तमिलनाडु विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के आधार पर राज्य में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान विस्तार के बाद मंत्रिमंडल की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।
इसका मतलब है कि अभी भी तीन मंत्री पद खाली हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इन खाली सीटों को सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों से भरा जा सकता है, जिससे गठबंधन और मजबूत होगा।
राजनीतिक संदेश और आगे की रणनीति
इस कैबिनेट विस्तार को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार की राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस को सरकार में शामिल कर उन्होंने गठबंधन को मजबूत करने का संकेत दिया है। यह कदम राज्य में सत्ता संतुलन और आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही IUML और VCK जैसे दलों को भी भविष्य में सरकार में और अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना बनी हुई है।