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राज्य में 1800 से ज्यादा नाबालिगों को बना दिया राशन कार्ड का मुखिया, हर माह उठा रहे दुकानों से राशन

राज्य में 1800 से ज्यादा नाबालिगों को बना दिया राशन कार्ड का मुखिया, हर माह उठा रहे दुकानों से राशन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों के राशन कार्ड बनाने में भी बड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। गाइड लाइन के अनुसार किसी भी नाबालिग के नाम पर राशन कार्ड बनाया नहीं जा सकता। इसके बाद भी प्रदेश में 1855 नाबालिगों को मुखिया मानकर उनके नाम पर राशन कार्ड जारी कर दिए गए हैं। ये नाबालिग कार्ड धारक प्रतिमाह उचित मूल्य की दुकानों से राशन भी उठा रहे हैं। इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब वन नेशन वन कार्ड योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड के सदस्यों का ईकेवाईसी कराना अनिवार्य किया गया। ईकेवाईसी की प्रक्रिया के बाद विभाग ने अपनी रिपोर्ट में इन आंकड़ों का उल्लेख किया है, जो चौंकाने वाले हैं।

प्रदेश के कई जिलों में जारी हुए है ये फर्जी राशन कार्ड

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार नाबालिगों को मुखिया मानकर प्रदेश में जो फर्जी तरीके से 1855 राशन कार्ड जारी किए गए हैं, वे अलग-अलग जिलों के हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, रायपुर, बस्तर सहित अन्य कुछ जिले शामिल हैं।

यह कहता है नियम

गाइड लाइन के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र होने की स्थिति में कोई भी सदस्य अलग से कार्ड बनाने की पात्रता नहीं रखता, वहीं 5 वर्ष पूर्ण होने के बाद एक साल के भीतर प्रत्येक बच्चों का ईकेवाईसी कराना अनिवार्य है।

पुनः परीक्षण कराने के निर्देश जारी

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को मुखिया मानकर जारी किए गए फर्जी राशन काडों को पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में विभाग के संचालक की ओर से सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भी लिखा है। इस पत्र मिलने के बाद संबंधित जिला के खाद्य विभाग ने ऐसे कार्ड धारकों का पता लगाकर उनकी उम्र का परीक्षण कर रहे हैं।

86200 लोगों के राशन कार्ड डुप्लिकेट आधार से बने

विभाग की रिपोर्ट में पूर्व में यह भी खुलासा हो चुका है कि प्रदेशभर में 86 हजार 2 सौ कार्ड धारक ऐसे हैं, जिनके डुप्लिकेट आधार से राशन कार्ड बने हैं। ये आंकड़े भी ईकेवाईसी प्रक्रिया के बाद सामने आए हैं। रायपुर जिले में सबसे ज्यादा 17 हजार से अधिक डुप्लिकेट आधार से राशन कार्ड बनाए गए हैं। डुप्लिकेट आधार से बने राशन कार्ड धारक भी हर महीने उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न उठा रहे हैं। विभाग ने इसके लिए भी सभी जिलों को इन राशन कार्डों का जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
 


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