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रायपुर नगर निगम में 100 एकड़ जमीन घोटाले का खुलासा: 69 भूखंडों की फाइल गायब, अधिकारियों-बिल्डरों की मिलीभगत के आरोप...

रायपुर नगर निगम में 100 एकड़ जमीन घोटाले का खुलासा: 69 भूखंडों की फाइल गायब, अधिकारियों-बिल्डरों की मिलीभगत के आरोप...

रायपुर नगर निगम में करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNC) और मार्ग संरचना अप्रूवल के नाम पर 69 भूखंडों की फाइलें गायब होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 69 भूखंडों की फाइल गायब, प्रक्रिया पर सवाल

यह पूरा मामला नगर निगम जोन-10 के कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड का है, जहां आरडीए कॉलोनी से लगे बोरियाखुर्द, ओम नगर, सांई नगर और बिलाल नगर क्षेत्र शामिल हैं। आरोप है कि नियमानुसार फाइलों को निगम मुख्यालय भेजने के बजाय सीधे नगर निवेश (TNC) विभाग भेज दिया गया। जब फाइलें वापस निगम आयुक्त के पास पहुंचीं, तो उन्होंने पाया कि इन पर उनकी स्वीकृति ही नहीं थी। जांच में सामने आया कि मूल दस्तावेज ही गायब हैं।

 100 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की आशंका

नगर निगम में सामने आए इस मामले को 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले से जोड़ा जा रहा है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने की साजिश रची गई। फाइलें गायब होने और प्रक्रिया को बायपास करने से अधिकारियों और बिल्डरों की मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है।

 नेता प्रतिपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इस पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जोन-10 और नगर निवेश विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह घोटाला किया गया। उन्होंने राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

निगम आयुक्त का एक्शन

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। टीएनसी से मिले अप्रूवल को रद्द कर दिया गया। जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई, संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई।

कैसे हुई प्रक्रिया में गड़बड़ी?

सामान्य प्रक्रिया के अनुसार जोन से फाइल निगम मुख्यालय भेजी जाती है। निगम कमिश्नर अप्रूवल देते हैं। इसके बाद फाइल TNC विभाग जाती है, फिर अंतिम मंजूरी के बाद जोन को लौटती है लेकिन इस मामले में जोन-10 से फाइल सीधे TNC भेज दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया को बायपास कर दिया गया। रायपुर नगर निगम में सामने आया यह जमीन घोटाला प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। जांच के बाद ही साफ होगा कि इसमें कौन-कौन जिम्मेदार हैं, लेकिन फिलहाल इस मामले ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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