होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Dabra Viral Video: डबरा में खेतों के बीच खुलेआम लग रहे हैं नोटों के दांव, वीडियो वायरल

Dabra Viral Video: डबरा में खेतों के बीच खुलेआम लग रहे हैं नोटों के दांव, वीडियो वायरल

राजेश सोनी, डबरा: ग्वालियर जिले का डबरा अनुविभाग इन दिनों जुए और सट्टेबाजी के काले कारोबार का नया सेफ जोन बनता जा रहा है। डबरा के पिछोर थाना इलाके से इस वक्त एक ऐसा सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की मुस्तैदी और गश्त के तमाम दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

वायरल वीडियो में दो दर्जन से ज्यादा जुआरी कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के बीच खुले खेतों में बैठकर लाखों रुपये की हार-जीत का दांव लगाते साफ नजर आ रहे हैं। खुलेआम चल रहे इस अंदर-बाहर के खेल ने पूरे इलाके की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

न कानून का डर, न खाकी का खौफ

ग्वालियर जिले का डबरा अब जुआरियों और अपराधियों के लिए पनाहगाह बनता जा रहा है। ताजा मामला पिछोर थाना क्षेत्र का है, जहां खेतों के बीच चल रहे एक हाई-प्रोफाइल जुआ फड़ का वीडियो सामने आया है। वीडियो में अपराधी जिस बेखौफ अंदाज में लाखों का दांव खेल रहे हैं, उससे साफ है कि इन्हें न तो कानून का डर है और न ही खाकी का खौफ। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा यह वीडियो पिछोर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बरगवां के एक सुनसान खेत का बताया जा रहा है। दो दिन पुराने इस वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि करीब 24 से 30 जुआरी घेरा बनाकर बैठे हुए हैं।

गड्डियों का खेल और दांव की आवाजें

वीडियो हैरान करने वाला हैं। जुआरियों के हाथों में 500-500 रुपये के नोटों की मोटी-मोटी गड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, वीडियो के बैकग्राउंड ऑडियो में अंदर-बाहर और लगाओ-लगाओ जैसे शब्दों का शोर साफ सुनाई दे रहा है, जो यह साबित करता है कि यहां हर रोज लाखों की रकम पानी की तरह बहाई जा रही है।

पड़ोसी जिले की सख्ती

दरअसल, दतिया जिले में पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध गतिविधियों और सटोरियों के खिलाफ चलाए गए कड़े हंटर के बाद वहां इस सिंडिकेट की कमर टूट गई थी। दतिया में धंधा बंद होने के कारण वहां के बड़े जुआ संचालक अब ग्वालियर सीमा के डबरा में आकर सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीण सूत्रों का दावा है कि इस फड़ को संचालित करने वाला मुख्य सरगना स्थानीय स्तर पर काफी रसूखदार है। वह बाहर से आने वाले बड़े जुआरियों को गर्मी में ठंडे पानी से लेकर तमाम ऐशो-आराम की चीजें खेतों में ही मुहैया करवाता है।

संरक्षण का आरोप

सबसे बड़ा आरोप यह है कि जुआरियों को फड़ पर बुलाने से पहले बाकायदा पुलिस रेड से पूरी सुरक्षा की गारंटी दी जाती है। यही वजह है कि बिना किसी स्थानीय संरक्षण या सांठगांठ के, इतनी बड़ी तादाद में बाहरी अपराधियों का खुले आसमान के नीचे बेखौफ होकर बैठना नामुमकिन है। फिलहाल इस वायरल वीडियो के बाद पिछोर पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में है और अब देखना होगा कि ग्वालियर पुलिस कप्तान इस सिंडिकेट पर कब बुलडोजर चलाते हैं।


संबंधित समाचार