Director Bharathiraja Passed away: तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक और पद्म श्री से सम्मानित भारतीराजा का बुधवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार और करीबी सूत्रों के अनुसार, बेटे मनोज भारतीराजा की 2024 में हुई आकस्मिक मृत्यु के बाद से वे गहरे मानसिक और शारीरिक तनाव में थे, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक महान निर्देशक को खो दिया है। भारतीराजा न केवल एक सफल फिल्मकार थे, बल्कि उन्होंने तमिल सिनेमा को ग्रामीण कहानियों के नए युग से जोड़ा। वे लंबे समय तक फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल के अध्यक्ष भी रह चुके थे और इंडस्ट्री के विकास में उनकी अहम भूमिका रही।
बेटे की मौत के बाद टूट गए थे भारतीराजा
साल 2024 में उनके बेटे और अभिनेता मनोज भारतीराजा का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इस घटना ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया था। परिवार और करीबी लोगों के अनुसार, वे अक्सर अपने बेटे को याद करते थे और इस दुख से उबर नहीं पाए। इसके बाद उनकी सेहत लगातार बिगड़ती गई और वे लंबे समय तक बीमार रहने लगे।
लंबे समय से चल रही थी स्वास्थ्य समस्याएं
पिछले वर्ष दिसंबर में सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई थी, लेकिन उनकी सेहत में खास सुधार नहीं हुआ। लंबे समय से चल रही बीमारियों के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली।
भारतीराजा की यादगार फिल्में
भारतीराजा ने 1977 में फिल्म “16 वयाथिनिले” से निर्देशन की शुरुआत की थी। इस फिल्म में कमल हासन, श्रीदेवी और रजनीकांत जैसे बड़े सितारे नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट और क्लासिक फिल्में दीं, जिनमें किझाके पोगुम रेल, सिगप्पु रोजक्कल, अलैगल ओइवाथिल्लई, काधल ओवियम, मुधल मारियाथाई शामिल हैं। उनकी फिल्मों ने तमिल सिनेमा में ग्रामीण जीवन और भावनात्मक कहानियों को नई पहचान दी।