सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों ने पुनर्वास से जुड़े मामलों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पात्र लोगों को पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाला भत्ता और अन्य लाभ अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इसे लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है।
चेयरमैन सहित चार पक्षों को बनाया प्रतिवादी
याचिका में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव, सक्ती कलेक्टर और डभरा के एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि संबंधित अधिकारियों और कंपनी ने न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया।
भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास का लाभ नहीं मिलने का आरोप
प्रभावित परिवारों के अनुसार वर्ष 2008 में पावर प्लांट की स्थापना के लिए करीब एक हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिससे 800 से अधिक परिवार प्रभावित हुए। पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत रोजगार या निर्धारित भत्ता देने का प्रावधान होने के बावजूद बड़ी संख्या में परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल सका।
प्लांट दोबारा शुरू होने के बाद भी नहीं मिला लाभ
याचिका में बताया गया है कि प्लांट का संचालन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन कुछ वर्षों बाद आर्थिक कारणों से बंद हो गया। बाद में वेदांता समूह ने इसका अधिग्रहण कर दोबारा संचालन शुरू किया। भू-विस्थापितों का आरोप है कि प्लांट फिर से चालू होने के बाद भी सैकड़ों पात्र परिवारों को रोजगार या पुनर्वास भत्ता नहीं दिया गया।
पहले भी कोर्ट ने दिए थे निर्देश
प्रभावित परिवारों ने बताया कि वर्ष 2021 में इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर समिति गठित कर कंपनी को पात्र लोगों को लाभ देने के निर्देश भी जारी किए गए, लेकिन उनका पालन नहीं हुआ।
प्रशासन ने कहा- समाधान की दिशा में प्रयास जारी
सक्ती कलेक्टर ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप प्लांट प्रबंधन को आवश्यक पत्र जारी किए जा चुके हैं और मामले के समाधान के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। फिलहाल अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होना बाकी है, जहां सभी पक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे।