जयपुर: थाईलैंड की राजकुमारी सिरीवनावरी नरिरतना राजकन्या शुक्रवार को चार दिन के भारत दौरे पर जयपुर पहुंचीं। उनके आगमन को देखते हुए जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। सीआईएसएफ और राज्य पुलिस की संयुक्त निगरानी में उनके विशेष विमान के उतरते ही एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से वीवीआईपी ज़ोन में बदल दिया गया। सुरक्षा कारणों से आम लोगों द्वारा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाई गई। राजकुमारी का काफिला सीधे रामबाग पैलेस पहुंचा, जिसे उनके प्रवास के लिए हाई-सिक्योरिटी होटल के रूप में तैयार किया गया था।
राजस्थानी परंपरा से होगा स्वागत:
जयपुर प्रवास के दौरान राजकुमारी को राजस्थान की प्रसिद्ध ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा से परिचित कराया जाएगा। उनके सम्मान में पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन, लोक संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और शाही स्वागत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। शहर में उनका लक्जरी काफिला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सुरक्षा वाहनों, विशेषज्ञ अधिकारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम के साथ पूरी यात्रा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मानकों के अनुरूप संचालित की गई। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया।
कौन हैं राजकुमारी सिरीवनावरी नरिरतना:
राजकुमारी सिरीवनावरी का जन्म 8 जनवरी 1987 को थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न (राम दशम) और उनकी पूर्व साथी सुजारिनी विवाचारावोंगसे के घर हुआ था। वे केवल शाही परिवार की सदस्य ही नहीं, बल्कि एक सफल फैशन डिजाइनर, एथलीट, सेना अधिकारी और सांस्कृतिक संरक्षक भी हैं।
फैशन की दुनिया में अलग पहचान:
राजकुमारी ने वर्ष 2005 में ‘हाउस ऑफ सिरीवनावरी’ नाम से अपना लक्जरी फैशन ब्रांड शुरू किया। उनके डिज़ाइन पेरिस फैशन मंचों पर प्रस्तुत हो चुके हैं, जहां पारंपरिक थाई सिल्क और आधुनिक फैशन का अनूठा संगम देखने को मिला। वे थाईलैंड की पारंपरिक वस्त्र कला को संरक्षित और वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
सेना में अहम पद और शैक्षणिक उपलब्धियां:
साल 2023 में राजकुमारी को रॉयल थाई आर्मी में मेजर जनरल नियुक्त किया गया। वे रॉयल स्टेबल यूनिट की संरक्षक की भूमिका भी निभा चुकी हैं। उन्होंने चुलालोंगकोर्न विश्वविद्यालय से फैशन डिजाइन में प्रथम श्रेणी और गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके अलावा पेरिस के एक प्रतिष्ठित डिजाइन संस्थान से अंतरराष्ट्रीय फैशन तकनीकों में विशेष प्रशिक्षण हासिल किया।
बहुमुखी प्रतिभा के कारण वैश्विक पहचान:
राजकुमारी सिरीवनावरी अपनी रचनात्मकता, सैन्य सेवा, खेलों में रुचि और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों के कारण थाईलैंड की एक प्रभावशाली सार्वजनिक हस्ती मानी जाती हैं। जयपुर दौरे ने एक बार फिर उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।