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चेन्नई में फंसी सरगुजा की बेटियों ने विधायक रामकुमार टोप्पो से लगाई गुहार, सुरक्षित वापसी की तैयारी शुरू

चेन्नई में फंसी सरगुजा की बेटियों ने विधायक रामकुमार टोप्पो से लगाई गुहार, सुरक्षित वापसी की तैयारी शुरू

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से जुड़ी एक चिंताजनक घटना सामने आई है। सीतापुर क्षेत्र की तीन युवतियों ने चेन्नई से वीडियो कॉल के माध्यम से स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर अपनी परेशानी साझा की है। युवतियों का आरोप है कि रोजगार दिलाने के नाम पर उन्हें तमिलनाडु ले जाया गया, जहां अब उन्हें वापस घर लौटने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के भरतपुर, बेलजोरा और बिनई गांव की रहने वाली तीन युवतियां जशपुर में सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद बेहतर रोजगार के अवसर की तलाश में तमिलनाडु गई थीं। बताया जा रहा है कि प्लेसमेंट की व्यवस्था करने का दावा करने वाले कुछ लोगों ने उन्हें कांचीपुरम और बाद में चेन्नई पहुंचाया।

घर लौटने के लिए मांगे जा रहे पैसे

पीड़ित युवतियों ने विधायक को बताया कि वे अपने घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए उनसे आर्थिक राशि की मांग की जा रही है। युवतियों का कहना है कि बिना भुगतान किए उन्हें लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं और परिवार से दूर असहाय महसूस कर रही हैं।

विधायक रामकुमार टोप्पो ने दिया हरसंभव मदद का आश्वासन

मामले की जानकारी मिलते ही विधायक रामकुमार टोप्पो ने तत्काल पहल करते हुए युवतियों से वीडियो कॉल पर बातचीत की। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी बात कही गई है ताकि वापसी की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

पुलिस और प्रशासन भी हुए सक्रिय

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर युवतियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और युवतियों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

परिवारों में चिंता, जल्द वापसी की उम्मीद

घटना के सामने आने के बाद तीनों युवतियों के परिवारों में चिंता का माहौल है। हालांकि विधायक के हस्तक्षेप और प्रशासन की सक्रियता के बाद अब परिवारों को उम्मीद है कि उनकी बेटियां जल्द ही सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगी।


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