सुकमा: छत्तीसगढ़ का सुकमा अब सिर्फ नक्सल प्रभावित क्षेत्र के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक संपदा और पर्यटन की संभावनाओं के लिए भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। जिले के दूरस्थ जंगलों में छिपे प्राकृतिक स्थलों को सामने लाने की कोशिश के बीच बेंगपाल झरना इन दिनों चर्चा में है। घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और बारिश के मौसम में झरने का मनमोहक स्वरूप इसे एक संभावित पर्यटन स्थल बनाता है।
बेंगपाल झरने की खूबसूरती देखने के लिए जिले के चार वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कठिन ट्रेकिंग के बाद टीम झरने के निचले हिस्से तक पहुंची और वहां की प्राकृतिक सुंदरता का जायजा लिया।
कलेक्टर-एसपी समेत चार अफसर पहुंचे झरने तक
बेंगपाल झरने का निरीक्षण करने के लिए कलेक्टर अमित कुमार, एसपी मयंक गुर्जर, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर और डीएफओ अक्षय दिनकर भोसले मौके पर पहुंचे।
झरने के निचले हिस्से तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। स्थानीय वनकर्मियों के मुताबिक, रास्ता काफी संकरा और ढलानदार है। बारिश के कारण मिट्टी और पत्थरों पर फिसलन बढ़ गई थी, जिससे नीचे उतरना चुनौतीपूर्ण रहा।
फिसलन भरे रास्ते पर आधे घंटे की ट्रेकिंग
अधिकारियों की टीम ने मुश्किल रास्ते के बावजूद ट्रेकिंग जारी रखी। करीब 30 मिनट तक बारिश और पथरीले रास्तों के बीच चलने के बाद टीम झरने के निचले हिस्से में पहुंची।
वहां पहुंचते ही घने जंगल के बीच गिरते झरने का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। बारिश के चलते झरने का बहाव और आसपास का हराभरा वातावरण बेहद आकर्षक नजर आया। अधिकारियों ने इस प्राकृतिक दृश्य को अपने कैमरों में भी रिकॉर्ड किया।
पर्यटन की नई संभावना बन सकता है बेंगपाल
अधिकारियों ने मौके पर बेंगपाल झरने को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके लिए सुरक्षित पहुंच मार्ग बनाने के साथ पर्यटकों के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर विचार किया गया।
अगर यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित होती हैं तो स्थानीय लोगों को भी इसका फायदा मिल सकता है। ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्थानीय स्तर पर आय के नए साधन तैयार होने की संभावना है।
नक्सल प्रभावित इलाके की बदलती तस्वीर
बेंगपाल झरना सुकमा के उन इलाकों की नई तस्वीर सामने ला रहा है, जो लंबे समय तक सुरक्षा चुनौतियों के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर रहे। अब बदलते हालात के बीच प्रशासन ऐसे क्षेत्रों में विकास और पर्यटन की संभावनाओं को तलाश रहा है।
प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर बेंगपाल झरने को अगर सुरक्षित और सुविधाजनक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है, तो यह सुकमा के पर्यटन नक्शे पर एक नया नाम बन सकता है। इससे जिले की पहचान को भी नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आगे बढ़ाकर प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।