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छत्तीसगढ़ की गीता यादव ने बढ़ाया मान, भारत ने लगातार तीसरी बार जीता जूनियर एशिया कप

छत्तीसगढ़ की गीता यादव ने बढ़ाया मान, भारत ने लगातार तीसरी बार जीता जूनियर एशिया कप

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला की बेटी गीता यादव ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। गीता भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं, जिसने चीन को उसके घरेलू मैदान पर 1-0 से शिकस्त देकर विमेंस जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने जूनियर महिला एशिया कप में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। भारत ने इससे पहले 2023 और 2024 में भी यह प्रतिष्ठित खिताब जीता था। इस बार चीन की धरती पर मिली जीत ने भारतीय टीम की सफलता को और खास बना दिया।

फाइनल में चीन को 1-0 से दी मात

चीन के हुलुनबुइर स्थित मोकी ट्रेनिंग बेस में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत और चीन के बीच शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल के साथ गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में बेहतर संयम और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया। भारत को मुकाबले में बढ़त 17वें मिनट में मिली। सानिका चंद्रकांती माने ने शानदार फील्ड गोल कर भारतीय टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद चीन ने बराबरी की कोशिशें तेज कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस ने मेजबान टीम के सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। अंतिम सीटी तक भारत ने अपनी बढ़त कायम रखी और 1-0 से मुकाबला जीतकर लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

गीता यादव ने भी छोड़ी अपनी छाप

कबीरधाम जिले के बोड़ला के वार्ड नंबर-14 की रहने वाली गीता यादव इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए अहम खिलाड़ियों में शामिल रहीं। उनके प्रदर्शन की कई मुकाबलों में सराहना हुई। टूर्नामेंट के एक मुकाबले में गीता को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार भी मिला था। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण गीता ने भारतीय जूनियर टीम में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम

भारत की यह खिताबी सफलता केवल फाइनल मुकाबले तक सीमित नहीं रही। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार निरंतरता दिखाई। ग्रुप चरण में टीम ने तीन मुकाबलों में जीत दर्ज की, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद भारतीय टीम ने नॉकआउट मुकाबलों में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। अंततः फाइनल में मेजबान चीन को हराकर भारत ने बिना कोई मुकाबला गंवाए टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।

बोड़ला से अंतरराष्ट्रीय हॉकी तक गीता का सफर

गीता यादव की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे कबीरधाम जिले को गौरवान्वित किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय टीम की जर्सी पहनकर खिताबी जीत का हिस्सा बनना उनके खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। गीता की सफलता क्षेत्र की उन युवा खेल प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देख रही हैं।

छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का पल

भारत की लगातार तीसरी जूनियर एशिया कप जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी गीता यादव की भागीदारी राज्य के खेल जगत के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। उनकी सफलता से कबीरधाम और बोड़ला क्षेत्र में खुशी का माहौल है। गीता की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं।


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