Sharad Purnima 2026 Upay: शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म में आस्था और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा, चंद्रमा की उपासना और मंत्र जाप करने की परंपरा है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। इस अवसर पर खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने और बाद में प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और शरद पूनम जैसे नामों से भी जाना जाता है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और मिथिलांचल में कोजागरी लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व है। ‘कोजागरी’ शब्द का अर्थ है—‘कौन जाग रहा है?’ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी की आराधना करने वाले भक्त देवी से सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं। यदि आप भी इस अवसर पर घर में पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां मां लक्ष्मी की आराधना से जुड़े नौ पारंपरिक उपाय बताए गए हैं।
1. सौभाग्य और समृद्धि के लिए करें यंत्र की पूजा
धार्मिक परंपराओं में शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा के साथ सौभाग्य बीसा यंत्र स्थापित करने का उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार, इस यंत्र की पूजा सुख-सौभाग्य और आर्थिक उन्नति की कामना से की जाती है। पूजा के समय ‘श्रीं ह्रीं श्रीं’ मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। यंत्र स्थापित करने से पहले उसकी विधि किसी योग्य पुरोहित से समझना उचित रहेगा।
2. मां लक्ष्मी के मंत्र का करें जाप
शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाकर शांत मन से मंत्र जाप किया जा सकता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं।
मंत्र: ‘श्रीं ह्रीं श्रीं’
धार्मिक मान्यता में इस मंत्र को मां लक्ष्मी की आराधना से जोड़ा जाता है। दीपक जलाते समय आग से संबंधित सुरक्षा का ध्यान रखें और उसे जलता हुआ अकेला न छोड़ें।
3. लक्ष्मी पूजा में अर्पित करें पांच कौड़ियां
कौड़ियों को पारंपरिक रूप से धन और मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। शरद पूर्णिमा की पूजा के दौरान पांच कौड़ियां देवी के सामने रखकर पुष्प और दीप अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। पूजा पूरी होने पर कौड़ियों को स्वच्छ स्थान या घर के पूजा स्थल में रखा जा सकता है।
4. नौकरी और करियर में प्रगति के लिए करें गुरु मंत्र जाप
जो लोग नौकरी, शिक्षा या व्यवसाय में उन्नति की कामना करते हैं, वे शरद पूर्णिमा पर भगवान बृहस्पति का स्मरण कर सकते हैं। पारंपरिक धार्मिक विधियों में गुरु मंत्र का जाप और गुरु यंत्र की पूजा भी शामिल है।
गुरु मंत्र: ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः बृहस्पतये नमः।’
मंत्र जाप अपनी श्रद्धा और सुविधानुसार किया जा सकता है। किसी विशेष अनुष्ठान के लिए उसकी विधि जानकार पुरोहित से समझें।
5. मां लक्ष्मी को लगाएं नारियल की मिठाई का भोग
शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को नारियल और खोये से बनी मिठाई अर्पित करने की परंपरा बताई जाती है। पूजा के दौरान भोग लगाकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें। इसके बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांट सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में भोग अर्पित करना श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम माना जाता है।
6. परिवार और रिश्तों में मधुरता के लिए करें प्रार्थना
घर में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य बनाए रखने की कामना से शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी के सामने दीपक जलाकर प्रार्थना की जा सकती है। कुछ पारंपरिक मान्यताओं में ओपल रत्न धारण करने का भी उल्लेख मिलता है, हालांकि रत्न पहनने से रिश्तों में सुधार होने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बातचीत, आपसी सम्मान और विश्वास की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
7. सुख-समृद्धि के लिए करें महालक्ष्मी मंत्र का जाप
शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को पुष्प अर्पित करें। उपलब्धता के अनुसार कमल का फूल भी चढ़ा सकते हैं। इसके बाद घी का दीपक जलाकर महालक्ष्मी मंत्र का जाप करें।
महालक्ष्मी मंत्र:
‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।’
परंपरा के अनुसार, इस मंत्र का 108 बार जाप किया जा सकता है। समय की उपलब्धता के अनुसार 11 या 51 बार जाप करके भी श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जा सकती है।
8. आर्थिक खुशहाली की कामना से अर्पित करें पान का पत्ता
पारंपरिक पूजा पद्धतियों में शरद पूर्णिमा पर पान के पत्ते पर मखाने रखकर मां लक्ष्मी को अर्पित करने का उल्लेख मिलता है। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में सकारात्मकता के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। पूजा में स्वच्छता बनाए रखें और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार विधि अपनाएं।
9. मानसिक शांति के लिए करें सत्यनारायण भगवान की पूजा
शरद पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की पूजा भी की जा सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्त परिवार की शांति और कल्याण की कामना करते हैं। पूजा के दौरान दीपक जलाएं, चंदन की धूप अर्पित करें और केले का भोग लगाएं। इसके बाद भगवान से परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करें।
लक्ष्मी-नारायण को अर्पित करें मिश्री और नारियल
शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी-नारायण मंदिर में दर्शन करना भी भक्तों के लिए आस्था का हिस्सा हो सकता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर मंदिर जाएं और परंपरा के अनुसार मिश्री तथा नारियल का प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद अपने परिवार, कार्य और भविष्य की मंगलकामना के लिए प्रार्थना करें।
शरद पूर्णिमा पर पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
पूजा स्थल को साफ रखें और श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी का स्मरण करें।
मंत्र जाप अपनी सुविधा और आस्था के अनुसार करें।
खीर या अन्य प्रसाद बनाते समय साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखें।
पूजा में अपनी पारिवारिक परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन कर सकते हैं।
धार्मिक उपायों को आस्था का हिस्सा समझें। इनसे धन, नौकरी या किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति की गारंटी नहीं होती।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक पूजा पद्धतियों पर आधारित है। इन उपायों के परिणाम की वैज्ञानिक पुष्टि या गारंटी नहीं है। पूजा की विधि और मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य पुरोहित से जानकारी प्राप्त करें।