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वोटर लिस्ट से नाम कटने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, राहुल गांधी समेत विपक्ष की याचिका पर आज अहम सुनवाई

वोटर लिस्ट से नाम कटने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, राहुल गांधी समेत विपक्ष की याचिका पर आज अहम सुनवाई

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में 15 अक्टूबर को सर्वोच्च अदालत में सुनवाई प्रस्तावित है। विपक्षी नेताओं की ओर से दायर संयुक्त याचिका में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया, पात्र मतदाताओं के अधिकारों और नाम हटाने के लिए अपनाए जा रहे नियमों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।

SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग

याचिका में मांग की गई है कि मामले का अंतिम निपटारा होने तक संबंधित राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने पर विचार किया जाए। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। इसके साथ ही पंजाब सहित अन्य चुनावी राज्यों में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित समयसीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि नागरिकों को अपने मताधिकार की सुरक्षा के लिए पर्याप्त समय और उचित अवसर मिलना जरूरी है।

स्वतंत्र समिति से जांच कराने का प्रस्ताव

याचिका में मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है, ताकि निर्धारित समय के भीतर हटाए गए नामों का ऑडिट किया जा सके। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आग्रह किया है कि किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नियमानुसार नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हो सकेगी।

राहुल गांधी के साथ कई विपक्षी नेता याचिका में शामिल

इस मामले में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी. राजा भी याचिका में सह-याचिकाकर्ता बताए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी निगाहें

विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उठे विवाद का संबंध मतदाता सूची की शुद्धता, प्रशासनिक प्रक्रिया और नागरिकों के मताधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ संबंधित राज्यों के मतदाताओं की भी नजर रहेगी। अदालत में याचिकाकर्ताओं की मांगों पर क्या रुख अपनाया जाता है और प्रक्रिया को लेकर कोई अंतरिम निर्देश जारी होता है या नहीं, यह सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल, याचिका में लगाए गए आरोपों और मांगों को न्यायिक विचार के विषय के रूप में देखा जाना चाहिए; इन्हें अदालत द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

 


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