महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित प्रसिद्ध श्रीक्षेत्र यशवाड़ी मारुति मंदिर में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभा मंडप का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे के समय मंदिर में शनिवार के विशेष दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
श्रद्धालुओं पर गिरा मंडप का मलबा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय अचानक मंडप की छत और उससे जुड़ा ढांचा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। देखते ही देखते धूल का गुबार छा गया और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। शुरुआती जानकारी में कई श्रद्धालुओं के मलबे में फंसने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और मंदिर परिसर में मौजूद लोग बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने बिना किसी उपकरण के मलबा हटाकर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कई घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
प्रशासन ने शुरू किया राहत एवं बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एंबुलेंस, मेडिकल स्टाफ और आपदा प्रबंधन दलों को तैनात किया गया है। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और क्रेन की भी मदद ली जा रही है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
मलबे से निकाले गए घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि कुछ लोगों के गंभीर रूप से प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हादसे के कारणों की होगी जांच
प्रशासन ने घटना की जांच के संकेत दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर निर्माणाधीन संरचना की मजबूती और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
सरकार ने मांगी रिपोर्ट
घटना के बाद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मौके की जानकारी ली है। संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।