RKDF Group Raid : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े समहू आरकेडीएफ ग्रुप से जुड़ा एक बड़ा शैक्षणिक फर्जीवाड़ा सामने आया है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरकेडीएफ ग्रुप के सत्य साईं कॉलेज में कथित रूप से फर्जी डिग्रियां तैयार किए जाने के मामले में लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रखी है। यह कार्रवाई राजस्थान की सरकारी भर्तियों में सामने आई अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है।
राजस्थान PTI भर्ती में फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि साल 2020 की राजस्थान पीटीआई भर्ती में चयनित कई अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्रियों के आधार पर आवेदन किया था। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि करीब 67 अभ्यर्थियों ने भर्ती के लिए बैक डेट में डिग्रियां बनवाई थीं।
भोपाल नहीं आए, फिर भी मिली डिग्री
पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि जिन अभ्यर्थियों के नाम पर डिग्रियां जारी की गईं, वे कभी भोपाल आकर कॉलेज में पढ़े ही नहीं। इसके बावजूद उनके पास वैध दिखने वाली मार्कशीट और डिग्री मौजूद थीं, जिनका उपयोग सरकारी नौकरी पाने के लिए किया गया।
2 से 3 लाख रुपये में बेची गई फर्जी डिग्री
एसटीएफ के अनुसार, इस रैकेट में प्रति डिग्री 2 से 3 लाख रुपये तक वसूले गए। फर्जीवाड़ा 2013 से 2022 के बीच किए जाने के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के आधिकारिक रिकॉर्ड और मौके से मिले दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी पाई गई हैं।
दस्तावेज खंगाल रही STF
राजस्थान पुलिस को आशंका है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर डिजिटल रिकॉर्ड में हेरफेर कर मार्कशीट और डिग्रियां जारी की गईं। इसी कड़ी में पुलिस टीम महत्वपूर्ण दस्तावेजों, सर्वर डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
बुधवार को मारा गया था छापा
आपको बता दें कि राजस्थान एसटीएफ ने बीते बुधवार को भोपाल में आरकेडीएफ ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। इसके बाद से कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे में और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस फर्जी डिग्री रैकेट का दायरा और बड़ा होने की आशंका है।