Rewa Collector: आम जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का एक बार फिर बेहद कड़ा और जमीनी अंदाज देखने को मिला है। मुख्यमंत्री के लोक-कल्याणकारी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए कलेक्टर साहब किसी लाव-लश्कर या वीआईपी गाड़ियों के काफिले के बजाय, खुद 42 आला अफसरों की टीम को एक नॉन-एसी बस में बैठाकर सीधे गंगेव जनपद के सुदूर टिकुरी गांव पहुंच गए।
गांव में आयोजित खुली जनचौपाल में लापरवाही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर कलेक्टर का गुस्सा फूटा और उन्होंने 'ऑन द स्पॉट' सस्पेंशन और नोटिस की कार्रवाई की झड़ी लगा दी।
ग्रामीणों के बीच पहुंचे कलेक्टर
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का यह औचक दौरा इस बात का साफ संकेत है कि अब जनता को अपने काम के लिए सरकारी दफ्तरों और बाबुओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि प्रशासनिक अमला खुद चलकर जनता के दरवाजे तक आएगा। बीते एक महीने के भीतर कलेक्टर का यह तीसरा बड़ा ग्रामीण दौरा है, जिससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
'ऑन द स्पॉट' हुआ एक्शन
टिकुरी गांव में सजी इस प्रशासनिक चौपाल में जैसे ही ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और अधिकारियों की मनमानी रखना शुरू की, कलेक्टर ने बिना देर किए दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि क्षेत्र का आंगनवाड़ी केंद्र अक्सर बंद रहता है। इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सुपरवाइजर को सस्पेंड (निलंबित) करने के आदेश जारी कर दिए। वही आंगनवाड़ी की मॉनिटरिंग में फेल रहने पर संबंधित सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस थमाकर जवाब तलब किया गया है। इसके अलावा जमीनी विवादों, राजस्व मामलों के निपटारे में हीलाहवाली और जमीन सीमांकन में तय समय से अधिक की देरी पाए जाने पर कलेक्टर ने नायब तहसीलदार को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है।
अधिकारियों को सख्त हिदायत
कलेक्टर ने चौपाल में मौजूद सभी 42 विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के काम में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी मुख्यालय से बाहर रहकर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेंगे, उनके खिलाफ आगे और भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।