रायपुर: पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस परेड के अभ्यास के दौरान मंगलवार को उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब हर्ष फायरिंग अभ्यास में कई जवान रायफल का ट्रिगर तक नहीं खींच पाए। लोडिंग से लेकर एक साथ फायर करने की पूरी प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था नजर आई।
एडीजी नक्सल ऑपरेशन हुए बेहद नाराज
अभ्यास परेड की सलामी ले रहे एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा यह दृश्य देखकर खासे नाराज हो गए। उन्होंने प्लाटूनों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे 2021 से लगातार गणतंत्र दिवस परेड अभ्यास देख रहे हैं, लेकिन आज तक ऐसा नहीं देखा कि सेना या सशस्त्र बल के प्लाटून हर्ष फायर में पूरी तरह विफल हो जाएं।उन्होंने इसे एंटी नक्सल ऑपरेशन में तैनात जवानों के लिए शर्मनाक स्थिति बताया।
महज पांच दिन शेष, फिर भी तैयारी अधूरी
गौरतलब है कि 10 जनवरी से पुलिस और सशस्त्र बलों के जवान परेड अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन करीब दस दिनों के अभ्यास के बाद भी प्लाटून गणतंत्र दिवस समारोह में सलामी के लिए पूरी तरह दक्ष नहीं हो पाए हैं। यही कारण रहा कि एडीजी ने कड़ी चेतावनी जारी की।
अभ्यास में शामिल हैं सेना और अर्धसैनिक बल
गणतंत्र दिवस परेड प्लाटून में देश के प्रमुख सुरक्षा बल शामिल हैं, जिनमें—
सीमा सुरक्षा बल (BSF)
सशस्त्र सीमा बल (SSB)
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
इस अभ्यास के जरिए जवान गणतंत्र दिवस पर सेना के शौर्य और साहस का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
रायफल की तकनीकी खामियों का दिया हवाला
हर्ष फायर फेल होने के बाद जवान एडीजी को सफाई देते नजर आए। कई जवानों ने रायफल की तकनीकी खामियों को फायरिंग फेल होने का कारण बताया। इसके बाद सभी जवानों को समझाइश दी गई और फायरिंग अभ्यास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले जवान हटाए जाएंगे
एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड अभ्यास में अलग-अलग बलों के नए जवान शामिल हैं, जिन्हें हर्ष फायर परेड सिक्वेंस समझने में समय लग रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो जवान अपेक्षित स्तर तक प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे, उन्हें अभ्यास से बाहर किया जाएगा।