केंद्र सरकार ने चना, मसूर और सरसों की खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने इन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की अवधि को 15 दिन तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस फैसले से उन किसानों को फायदा होगा जो अब तक अपनी उपज सरकारी खरीदी केंद्रों में नहीं बेच पाए थे या बेहतर अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे।
पीएम-आशा योजना के तहत लिया गया निर्णय
सरकार ने यह फैसला प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत संचालित प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में कम कीमतों के प्रभाव से बचाना है। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई अवधि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगी।
कृषि मंत्रियों की बैठक में हुआ फैसला
खरीदी अवधि बढ़ाने का निर्णय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में लिया गया। बैठक में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री शामिल हुए। छत्तीसगढ़ की ओर से कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा कृषि संचालक राहुल देव ने भाग लिया।
किसानों को मिलेगा अतिरिक्त समय
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए खरीदी अवधि बढ़ने से उन किसानों को सीधा लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी उपज नहीं बेच पाए थे। कई बार कटाई में देरी, परिवहन संबंधी समस्याएं, मौसम की बाधाएं या स्थानीय व्यवस्थागत कारणों से किसान खरीदी केंद्रों तक समय पर नहीं पहुंच पाते। ऐसे किसानों के लिए अतिरिक्त 15 दिन का समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कम दाम पर बिक्री की मजबूरी होगी कम
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से किसानों को जल्दबाजी में निजी व्यापारियों को कम कीमत पर फसल बेचने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अतिरिक्त समय मिलने से वे सरकारी खरीदी केंद्रों में जाकर अपनी उपज MSP पर बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उन्हें बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
किसानों से लाभ लेने की अपील
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से इस बढ़ी हुई अवधि का पूरा लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान अपने नजदीकी खरीदी केंद्र या सहकारी समिति में जाकर चना, मसूर और सरसों की बिक्री करें, ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि खरीदी प्रक्रिया, पंजीयन या अन्य जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग के अधिकारियों और संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं।
दलहन और तिलहन उत्पादकों के लिए अहम फैसला
कृषि क्षेत्र के जानकारों के अनुसार MSP व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने का माध्यम है। कई बार बाजार में दलहन और तिलहन फसलों के दाम समर्थन मूल्य से नीचे चले जाते हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में खरीदी अवधि बढ़ाने का निर्णय किसानों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है और इससे बड़ी संख्या में उत्पादकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।