रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित आईएनएच-हरिभूमि जिला संवाद में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट और राजनीति से जुड़े प्रमुख चेहरों ने प्रदेश के विकास को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। मैक कॉलेज सभागार में आयोजित इस संवाद में वक्ताओं ने माना कि राज्य गठन के बाद रायपुर ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अब विकास की गति को और तेज करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में व्यापार, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। संवाद का संचालन प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने किया, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों से प्रदेश के विकास मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर सवाल पूछे।
रायपुर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर
संवाद में शामिल उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों का कहना था कि राज्य बनने के बाद रायपुर की पहचान तेजी से बदली है। उद्योग, मेडिकल सुविधाओं, शिक्षा संस्थानों और रियल एस्टेट के विस्तार ने राजधानी को नई पहचान दिलाई है। वक्ताओं ने कहा कि यदि यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में रायपुर देश के अग्रणी शहरों में अपनी जगह बना सकता है।
पर्यटन में अपार संभावनाएं, निवेश बढ़ाने की जरूरत
समाजसेवी एवं उद्योगपति राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन इस क्षेत्र में अभी भी अपेक्षित निवेश और प्रचार की जरूरत है। उनका मानना है कि पर्यटन को मजबूत करने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
व्यापार और उद्योग को बेहतर क्रियान्वयन की जरूरत
व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की कई योजनाएं प्रभावी हैं, लेकिन उनका लाभ तभी मिलेगा जब उनका समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन हो। उद्योग नीति के चलते नए निवेशकों की रुचि बढ़ी है, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हुई है।
रायपुर तेजी से बन रहा हेल्थ हब
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजधानी रायपुर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। अब देश के बड़े अस्पताल समूह और विशेषज्ञ डॉक्टर भी रायपुर में सेवाएं देने के लिए आगे आ रहे हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
विकास कार्यों पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
संवाद के राजनीतिक सत्र में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच विकास कार्यों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक राजेश मूणत ने स्मार्ट सिटी परियोजना, पाइपलाइन, स्काईवॉक और शहरी विकास कार्यों को लेकर पिछली सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अधूरे कार्यों को पूरा करने के साथ नई योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास योजनाओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं को आगे नहीं बढ़ाया गया और चुनावी हार से सीख लेकर पार्टी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करेगी।
आरंग विधानसभा के विकास पर भी हुई चर्चा
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने अपने कार्यकाल के दौरान पेयजल, सड़क और नगरीय विकास से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि प्रदेश के कई शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया। उन्होंने वर्तमान सरकार पर वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर भाजपा नेता नवीन कुमार मार्कंडेय ने कहा कि विभिन्न विकास परियोजनाओं की निरंतरता बनी रहनी चाहिए और जनहित के कार्यों को राजनीति से ऊपर रखकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।