इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम महज कुछ देर में शुरू होने जा रहा है। जिसका हिस्सा बनने के लिए बड़ी संख्या में युवा और स्टूडेंट कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम बेहद खास होने वाले है। क्योकि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों से शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी, व्यापमं और पटवारी भर्ती से जुड़े मुद्दों पर सीधी चर्चा करेंगे।
राहुल गांधी रात में दिल्ली के लिए होगे रवाना
शनिवार शाम 6 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम रात 8 बजे तक चलेगा। इसके बाद राहुल गांधी दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। करीब 2 घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग देने के लिए गायक राघव चैतन्य, रैपर लशकरी और डांस ग्रुप विकास अनबिटेबल की प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित हैं।
लाइटर, सिगरेट और गुटखा पर रहेगा प्रतिबंध
इतना ही नहीं सुरक्षा के मद्दे नजर कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश से पहले जांच की जा रही है। वही आयोजन स्थल पर पानी की बोतल, लाइटर, सिगरेट और गुटखा अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है।
देश में 5वां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
इंदौर में राहुल गाँधी का यह पहला और देश में 5वां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम है। जिसका आयोजन पहले कोटा, प्रयागराज, देहरादून और पुणे में किया जा चुका हैं. कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए है। जबकि कार्यक्रम स्थल पर 15000 लोगों की बैठने की व्यवस्था है। कार्यक्रम की अनुमति 31 शर्तों के साथ मिली है।
आयोजन का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के साथ संवाद
बता दें कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करना है। तो वही राहुल गांधी ने इंदौर दौरे से पहले सोशल मीडिया पर शहर के प्रसिद्ध पोहा-जलेबी का भी जिक्र किया, जिससे उनके दौरे में स्थानीय रंग भी जुड़ गया है।
बता दें कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करना है। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। राहुल गांधी करीब 5:30 बजे से रात 8:15 बजे तक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसके बाद उनके शनिवार रात ही दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम है।
इंदौर दौरे से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर शहर के प्रसिद्ध पोहा-जलेबी का जिक्र भी किया, जिससे उनके दौरे में स्थानीय रंग भी जुड़ गया है।