नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन विपक्षी दलों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में प्रवेश किया। विपक्षी सांसदों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल की घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा तथा सदन में विस्तृत चर्चा की मांग दोहराई।
संसद परिसर में दिखा विरोध का अलग अंदाज
सत्र शुरू होने से पहले ही कई विपक्षी सांसद काले रंग के कपड़ों या काली पट्टी के साथ संसद पहुंचे। इसे सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया गया। विपक्ष का कहना है कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
विपक्ष ने चर्चा की मांग दोहराई
विपक्षी दलों ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक बहस का सबसे बड़ा मंच है और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार होना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचा जा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए।
संसद में फिर दिखा हंगामे का असर
कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष ने अपने मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। सदन में नारेबाजी और विरोध के कारण सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। सभापति की ओर से कई बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन गतिरोध जारी रहा।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज रही। विपक्षी नेताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा की बात कही, जबकि सत्तापक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी इन मुद्दों पर राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत हैं।