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नकटी आंदोलन तेज: कलेक्टर से वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात, प्रशासन को बदलना पड़ा निकासी का रास्ता

नकटी आंदोलन तेज: कलेक्टर से वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात, प्रशासन को बदलना पड़ा निकासी का रास्ता

रायपुर। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी के विस्थापित परिवारों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ढाई डिसमिल जमीन और उचित मुआवजे की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को जिला कलेक्टोरेट का घेराव कर मुख्य द्वार के सामने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा, जिसके चलते प्रशासन को अधिकारियों और कर्मचारियों को पीछे के रास्ते से बाहर निकालना पड़ा।

मुख्य गेट पर धरना, प्रशासन की समझाइश बेअसर

प्रदर्शनकारी दोपहर करीब डेढ़ बजे कलेक्टोरेट पहुंचे। प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात कर दिया था। ग्रामीण कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर अपनी मांग रखना चाहते थे, लेकिन उनकी मुलाकात अपर कलेक्टर से कराई गई। अधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त करने की अपील की, जिसे ग्रामीणों ने अस्वीकार कर दिया।

अधिकारियों को पीछे के रास्ते से निकाला गया

शाम तक प्रदर्शनकारी मुख्य गेट से नहीं हटे। कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षित निकासी के लिए प्रशासन ने टाउन हॉल की ओर स्थित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया। वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिसर में लगे लोहे के अवरोधक और ग्रिल भी हटानी पड़ी।

महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी आंदोलन में शामिल

धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल रहे। पूरे दिन धरने पर बैठे लोगों के लिए रात के भोजन की व्यवस्था कुछ सामाजिक संगठनों ने की। प्रदर्शनकारी मुख्य गेट के सामने ही डटे रहे और वहीं भोजन किया।

कलेक्टर से मुलाकात के बाद मिला 24 घंटे का आश्वासन

रात करीब 9:15 बजे कलेक्टर गौरव सिंह प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि प्रभावित परिवार अपनी मांगों पर अडिग रहे और प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि तय समय में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो दोबारा कलेक्टोरेट का घेराव कर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों पर बलवा का मामला दर्ज

इधर, नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कथित धक्का-मुक्की तथा बुलडोजर में तोड़फोड़ के आरोप में ग्रामीणों के खिलाफ बलवा का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रशासन ने क्षेत्र में लगभग 80 मकानों पर कार्रवाई की थी।


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