सैय्यद वाजिद/ मुंगेली: जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है...एक महिला जो कुछ दिन पहले रेलवे ट्रैक के किनारे खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में मिली थी,अब उसकी पहचान तो हो गई है, लेकिन उसके साथ आखिर हुआ क्या था... इसका जवाब अब तक किसी के पास नहीं है..शरीर पर गंभीर चोटें, हाथ-पैर में फ्रैक्चर, जगह-जगह टांके और बेसुध हालत में अस्पताल में भर्ती युवती को परिजनों के हवाले कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज से जुड़े जरूरी दस्तावेज तक नहीं दिए गए। मामले की गंभीरता तब सामने आई जब परिजन घायल बेटी को लेकर सीधे मुंगेली कलेक्टर जनदर्शन पहुंच गए। अब पूरे मामले में जांच की मांग तेज हो गई है,प्रशासन ने खुद इसका संज्ञान लिया है और महिला को पहली प्राथमिकता के साथ जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है वही पुलिस और महिला बाल विकास विभाग को पूरे मामले की गम्भीरता से जांच और बर पहलुओं की जानकारी जुटाने की निर्देश दिए गए है...!
क्या है पूरा मामला
मुंगेली जिले के कुआगांव निवासी रागिनी कश्यप जो अपने पति से अलग रहकर बिलासपुर के एक निजी होटल में काम करती थी। वहीं उसके परिजन रोजी-रोटी की तलाश में ओडिशा गए हुए थे। इसी बीच 10 जुलाई को खोडरी रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात युवती खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे और वह पूरी तरह बेसुध थी।सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस ने उसे लावारिस समझते हुए उपचार के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा था। लेकिन युवती की पहचान नहीं हो पाने से वह कई दिनों तक अस्पताल में लावारिस मरीज के रूप में ही भर्ती रही।
समाजिक संस्था ने पेश किया मिशाल...सोशल मीडिया के माध्यम परिजन तक पहुंची जानकारी
इसी दौरान बिलासपुर की एक सामाजिक संस्था ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया। सोशल मीडिया के जरिए जब यह तस्वीर रागिनी के परिवार तक पहुंची, तब परिजन तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचे,अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने जो देखा, उसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। रागिनी अभी भी बेसुध थी। उसके शरीर पर कई जगह टांके लगे हुए थे, हाथ और पैर में प्लास्टर चढ़ा था और वह गंभीर पीड़ा में थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बिना किसी मेडिकल दस्तावेज या विस्तृत जानकारी दिए ही युवती को डिस्चार्ज कर उनके हवाले कर दिया।
जनदर्शन पहुचे परिजन,एडीएम ने मामले पर लिया संज्ञान
घायल बेटी की हालत देखकर असहाय परिजन सीधे उसे निजी वाहन से लेकर मुंगेली कलेक्टर जनदर्शन पहुंच गए। जनदर्शन में जैसे ही इस मामले की जानकारी एडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी को मिली, उन्होंने तुरंत वाहन के पास पहुंचकर स्वयं पीड़िता और उसके परिजनों से पूरी जानकारी ली,मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने तत्काल सीएमएचओ को निर्देश दिए कि पीड़ित महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरे मामले की जानकारी लेकर हर पहलू की गंभीरता से जांच करने के निर्देश भी दिए।
रहस्यमयी हालात में मिली महिला,परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
वहीं परिजनों ने आशंका जताई है कि रागिनी किसी गंभीर अपराध का शिकार हुई है। उनका कहना है कि युवती के शरीर पर मौजूद चोटों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में उसे रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। उनका सवाल है कि आखिर वह उस हालत में वहां कैसे पहुंची और उसके साथ क्या हुआ?सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अब तक इस मामले में कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि रेलवे पुलिस ने महिला को लावारिस मानते हुए केवल उपचार की कार्रवाई की थी। पहचान और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अब तक किसी अपराध की विधिवत जांच शुरू नहीं हो सकी है।
अब जब पीड़िता की पहचान हो चुकी है और परिजनों ने गंभीर आशंका जताई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठने लगी है।
खून, जख्म और अनसुलझे सवाल
लोगों का कहना है कि यदि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच करे, तो इस सनसनीखेज मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।एक बेटी...जो आज भी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है...उसके साथ आखिर क्या हुआ, इसका जवाब सिर्फ उसका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समाज जानना चाहता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रागिनी रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची? क्या वह किसी हादसे का शिकार हुई... या फिर उसके साथ कोई गंभीर वारदात हुई फिलहाल निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं...क्योंकि इस रहस्यमयी और दर्दनाक घटना का सच सामने आना अब बेहद जरूरी हो गया है।