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MP Morning News: प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, ​शिक्षकों का हल्लाबोल और एलपीजी गैस सिलेंडर पर सख्ती 

MP Morning News: प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, ​शिक्षकों का हल्लाबोल और एलपीजी गैस सिलेंडर पर सख्ती 

MP Morning News: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम के तेवर कड़े होने वाले हैं। प्रदेश में सक्रिय हुए नए साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के चलते अगले 72 घंटों तक मौसम विभाग ने भारी उलटफेर की चेतावनी जारी की है। राजधानी भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार मौसमी तंत्र 7 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा, जिससे दिन और रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की जा सकती है। जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी जैसे जिलों में ओले गिरने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वही भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सतना, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल और निवाड़ी समेत लगभग पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने आम जनता को आंधी के दौरान घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

शिक्षकों का सरकार के खिलाफ मोर्चा

मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के नए नियम ने बवाल खड़ा कर दिया है। इस नियम के लागू होने से प्रदेश के लगभग 1.5 लाख शिक्षकों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। शिक्षक मोर्चा ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राजधानी में बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

आंदोलन की रूपरेखा

8 अप्रैल: प्रदेशभर के शिक्षक राजधानी भोपाल स्थित DPI कार्यालय का घेराव करेंगे।

11 अप्रैल: सभी जिलों में शिक्षक अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर नियम वापस लेने की मांग करेंगे।

क्या कहते है शिक्षक: शिक्षकों का कहना है कि दशकों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर अब परीक्षा थोपना उनके अधिकारों का हनन है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर उग्र रूप लेगा।

गैस कालाबाजारी पर शिकंजा

राजधानी में रसोई गैस (LPG) की डिलीवरी में हो रही अवैध वसूली और कालाबाजारी की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जिले के सभी SDM को मैदान में उतारते हुए विशेष जांच टीमें गठित कर दी हैं।

अब हर एसडीएम को अपने क्षेत्र की गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करना होगा और रोजना शाम तक कलेक्टर को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। वजन में कम गैस, सिलेंडर की रिफिलिंग, अवैध स्टॉक, और निर्धारित रेट से अधिक पैसा वसूलने वाली एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। टीम न केवल स्टॉक बल्कि गैस की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी गहनता से जांच करेगी।


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