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‘मोर आवास, मोर अधिकार’ नारे से आंदोलन तक: 18 लाख घरों को मिली मंजूरी, विजय शर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां

‘मोर आवास, मोर अधिकार’ नारे से आंदोलन तक: 18 लाख घरों को मिली मंजूरी, विजय शर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां

रायपुर: उपमुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “मोर आवास, मोर अधिकार, रोक कर रखे हैं फलनवा सरकार” केवल एक राजनीतिक नारा नहीं था, बल्कि यह आम जनता का आंदोलन था, जो आज ठोस परिणामों में बदल चुका है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जिस संघर्ष की शुरुआत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास दिलाने के लिए हुई थी, वह अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।

चुनावी मुद्दे से प्रशासनिक परिणाम तक

नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने आवास के मुद्दे को बड़े अभियान के रूप में उठाया था। उस समय यह संघर्ष का आंदोलन था, लेकिन आज वही आंदोलन परिणाम का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इससे बड़ा संतोष का क्षण कोई नहीं होता, जब जनहित के मुद्दे को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाए।

कांग्रेस शासन में लाखों गरीब आवास से वंचित

विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान वर्षों तक लाखों गरीब परिवारों को आवास का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि— 2011 की प्रतीक्षा सूची: 6,99,438 आवास, 2015 की आवास प्लस सूची: 8,19,999 आवास, मुख्यमंत्री आवास योजना: 47,090 आवास इन सभी को स्वीकृति नहीं दी गई। इसके अलावा 2016 से 2023 के बीच 2,46,215 ऐसे आवास थे, जिन्हें पहली किस्त देने के बाद अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पिछली सरकार को गरीबों से क्या परेशानी थी।

पुरानी सूचियां खत्म, लोगों को मिली राहत

ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि अब प्रदेश में 2011 की सर्वे सूची पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, क्योंकि उस सूची के सभी आवास स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसी तरह 2015 की आवास प्लस सूची को भी पूरी तरह मंजूरी दी जा चुकी है। इससे वर्षों से इंतजार कर रहे पात्र परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

देश में सबसे तेजी से बन रहे आवास

विजय शर्मा ने दावा किया कि आज पूरे देश में सबसे अधिक आवास निर्माण छत्तीसगढ़ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से भी छत्तीसगढ़ आगे है। आवास योजना में कई नवाचार किए गए हैं— 8 हजार से अधिक ‘डीलर दीदी’ द्वारा निर्माण सामग्री की सप्लाई, महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी, हजारों लोगों को प्रशिक्षण, नीयद नेल्लानार योजना के तहत 84 कैंप, इन कैंपों के आसपास के 494 गांवों का विकास, गड़बड़ी पर ACB-EOW जांच, सख्त कार्रवाई तय, डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि आवास योजना में कहीं भी गड़बड़ी पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ACB और EOW से भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

18 लाख से ज्यादा आवासों को मिली पूरी मंजूरी

विजय शर्मा ने बताया कि 2011 की सूची, 2015 की आवास प्लस सूची, मुख्यमंत्री आवास योजना और 2016 से 2023 के सभी लंबित मामलों को मिलाकर कुल 18,12,742 आवासों को पूरी तरह स्वीकृति दी जा चुकी है। स्वीकृति के बाद अब सभी आवासों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

 


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