मुंबई। दक्षिण मुंबई के तीन प्रतिष्ठित मुगलई रेस्टोरेंट पर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जांच के दौरान स्वच्छता मानकों के उल्लंघन, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसी गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया। कार्रवाई की जद में भिंडी बाजार स्थित शालीमार रेस्टोरेंट, नूर मोहम्मदी रेस्टोरेंट और उमरखाड़ी का रहमानिया रेस्टोरेंट शामिल हैं। तीनों प्रतिष्ठानों को अगले आदेश तक संचालन की अनुमति नहीं होगी।
शालीमार रेस्टोरेंट में मिलीं 25 बड़ी खामियां
FDA की निरीक्षण टीम ने वर्ष 1970 से संचालित शालीमार रेस्टोरेंट में 25 गंभीर कमियां दर्ज कीं। जांच में किचन का फर्श गंदा मिला, कच्चे खाद्य पदार्थों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच भी नहीं कराई जा रही थी। इसके अलावा कचरा प्रबंधन व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई।
नूर मोहम्मदी में स्वच्छता नियमों की अनदेखी
साल 1923 से संचालित और 'संजू बाबा चिकन' के लिए मशहूर नूर मोहम्मदी रेस्टोरेंट में भी FDA को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान किचन के फर्श पर तेल की मोटी परत, खुली खिड़कियों से कीड़े-मकोड़ों के प्रवेश की संभावना और सप्लायर्स से जुड़े आवश्यक रिकॉर्ड का अभाव पाया गया। इन कमियों के चलते रेस्टोरेंट का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
सेलिब्रिटी और वीआईपी की पसंद रहा है नूर मोहम्मदी
नूर मोहम्मदी रेस्टोरेंट लंबे समय से मुंबई के चर्चित फूड डेस्टिनेशन में शामिल रहा है। यहां कई नामचीन हस्तियां और वीआईपी आ चुके हैं। यह रेस्टोरेंट अपनी लोकप्रिय डिश 'संजू बाबा चिकन' के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, जिसे अभिनेता संजय दत्त की विशेष रेसिपी से प्रेरित बताया जाता है।
रहमानिया रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री के पास मिले केमिकल
उमरखाड़ी स्थित रहमानिया रेस्टोरेंट की जांच में खाद्य पदार्थों के पास ही खतरनाक केमिकल रखे मिले। इसके अलावा किचन के उपकरणों पर जंग, पानी की गुणवत्ता में खामियां और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन जैसी कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। FDA ने इन अनियमितताओं को देखते हुए रेस्टोरेंट का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया।
खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर FDA का सख्त संदेश
FDA अधिकारियों का कहना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन्हें सभी कमियों को दूर कर नियमानुसार दोबारा निरीक्षण कराने के बाद ही संचालन की अनुमति मिल सकेगी।