रायसेन : रायसेन जिला जेल में बुधवार को हुए गोलीकांड मामले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जेल डीजी वरुण कपूर के निर्देश पर की गई है। इतना ही नहीं पूरे घटनाक्रम और साजिश का पता लगाने के लिए जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही घटना से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
भागने की कोशिश के दौरान चलाई गोलियां
दरअसल, रायसेन जिला जेल में बंद कैदी नीलेश ठाकुर ने बुधवार सुबह करीब नौ बजे भागने की कोशिश के दौरान जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर अवैध कट्टे से दो गोलियां चला दीं। एक गोली प्रहरी के कंधे के पास और दूसरी पीठ में लगी घटना के बाद जेल में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया।
मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिले
इतना ही नहीं इस गोलीकांड के बाद सुरक्षा को लेकर जहां सवाल उठ रहे है। तो वही जांच के दौरान जेल परिसर के अंदर अवैध देसी कट्टे और कारतूस के साथ मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिले है। इसी हथियार से बंदी नीलेश ठाकुर ने जेल गेट पर तैनात आरक्षक दिग्विजय सिंह पर फायर किया था।
मामले की विस्तृत जांच की जा रही
घायल आरक्षक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच पूरी होने के बाद जेल प्रशासन के अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
गोलीकांड के मामले में नीलेश ठाकुर है बंद
बताया गया है कि नीलेश ठाकुर रायसेन जिले की बरेली तहसील के ग्राम दिमाड़ा का रहने वाला है। वह पहले हुए गोलीकांड के मामले में जेल में बंद है। उसके खिलाफ पहले धारा 307 और बाद में धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।