रायपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने नितिन मोटवानी उर्फ चीकू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, नितिन का नाम महादेव सट्टा एप से जुड़े लोगों के साथ सामने आया था। वह पहले विधानसभा रोड स्थित शिमर्स क्लब का संचालन करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसके लंबे समय तक फरार रहने की जानकारी भी सामने आई है।
नितिन को करीब तीन साल पहले पंडरी पुलिस ने सट्टा संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस को उसके दुबई पहुंचने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय को लुकआउट सर्कुलर जारी करने के संबंध में पत्र भेजा गया था।
महादेव और अन्ना रेड्डी एप से कनेक्शन की जांच
पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच में नितिन मोटवानी तथा उसके सहयोगी सन्नी पृथवानी का नाम महादेव और अन्ना रेड्डी सट्टा एप के कथित नेटवर्क से जुड़ा बताया गया। जांच के अनुसार, दोनों का दिल्ली ब्रांच से संबंध था और इस नेटवर्क को छत्तीसगढ़ तथा दिल्ली से संचालित किए जाने की बात सामने आई थी।
नितिन के महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के संपर्क में रहने का भी आरोप है। जांच में यह आशंका जताई गई थी कि क्लब के कारोबार की आड़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
आईपीएल मैच के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागा
नितिन को पकड़ने के लिए पुलिस पहले भी उसके घर पहुंची थी। बताया जाता है कि आईपीएल मैच के दौरान उसके घर पर मौजूद होने की सूचना मिली थी। पुलिस की टीम जब गिरफ्तारी के लिए पहुंची, तो उसे कार्रवाई की भनक लग गई और वह वहां से फरार हो गया।
इसके बाद उसके गोवा में रहने और वहां से रायपुर आने-जाने की जानकारी पुलिस को मिली। हाल ही में उसके रायपुर लौटने का इनपुट मिलने के बाद टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।
निजी गाड़ियों से पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम
बताया जा रहा है कि नितिन के घर लौटने की जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीम निजी वाहनों से उसके ठिकाने पर पहुंची। घर के चारों ओर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद महादेव सट्टा एप से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच में आगे की कड़ियां तलाशने पर जोर रहेगा।
शिमर्स क्लब को लेकर भी उठे सवाल
नितिन मोटवानी के पुराने कारोबारी ठिकाने शिमर्स क्लब को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, क्लब में सट्टेबाजी से जुड़े पैसों के निवेश की आशंका जताई गई है। कुछ सूत्रों ने रवि उप्पल को क्लब का वास्तविक मालिक बताया है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल जांच का अहम पहलू कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, क्लब के वित्तीय लेन-देन और दुबई में सक्रिय लोगों के साथ संभावित संबंधों को स्पष्ट करना है। पुलिस की आगे की जांच से इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।