जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में निर्माण श्रमिकों से जुड़ी सरकारी योजना में अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में गड़बड़ी के आरोपों के चलते श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विधानसभा में उठा मामला, बढ़ी सख्ती
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब इसे विधानसभा में उठाया गया। विधायक बालेश्वर साहू ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस मुद्दे को सदन में रखा, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
शिकायत के बाद हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, 2 मार्च 2026 को जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कलेक्टर को शिकायत भेजी थी। शिकायत के आधार पर कलेक्टर द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में गड़बड़ी के संकेत मिले।
जांच में सामने आई संदिग्ध भूमिका
प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि श्रमिक पंजीयन के आवेदन स्वीकृत करने में संबंधित श्रम निरीक्षक लक्ष्मण मरकाम की भूमिका संदिग्ध रही। इसके चलते उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बिलासपुर में रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान मरकाम का मुख्यालय सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। यह कार्रवाई श्रमायुक्त के अनुमोदन के बाद अपर श्रमायुक्त (स्थापना), श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा सोमवार को जारी आदेश के तहत की गई।