नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। करीब 30,213 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती कारोबार में संस्थागत निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी के चलते यह आईपीओ शेयर बाजार में चर्चा का विषय बन गया है।
100 मिनट में पूरा हुआ जियो IPO का सब्सक्रिप्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इश्यू खुलने के शुरुआती 10 मिनट में ही क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
इसके बाद संस्थागत निवेशकों की ओर से मांग लगातार बढ़ती रही। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 मिनट से भी कम समय में QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन लगभग दोगुना हो गया और बाद में यह 2.86 गुना तक पहुंच गया।
शुरुआत में पूरे आईपीओ का सब्सक्रिप्शन 0.83 गुना था, लेकिन करीब 100 मिनट के भीतर कुल मांग उपलब्ध शेयरों से अधिक हो गई। इस तेजी ने निवेशकों के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को लेकर मजबूत दिलचस्पी दिखाई।
Hyundai Motor India का रिकॉर्ड टूट सकता है
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये का है। यदि इश्यू का आकार इसी स्तर पर रहता है, तो कंपनी भारत के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है। फिलहाल यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के पास है, जिसने 2024 में लगभग 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये है। इस कीमत के आधार पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।
इस आईपीओ के तहत कंपनी लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। यानी इस इश्यू में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटा रही है।
एंकर निवेशकों ने भी दिखाई मजबूत दिलचस्पी
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स को बड़े निवेशकों का समर्थन मिला था। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, एंकर निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। यह उपलब्ध शेयरों की तुलना में 30 गुना से ज्यादा मांग को दर्शाता है।
एंकर निवेशकों की भागीदारी और आईपीओ खुलने के बाद मिले रिस्पॉन्स ने इस इश्यू को बाजार के सबसे चर्चित आईपीओ में शामिल कर दिया है।
टेलीकॉम के अलावा AI और क्लाउड पर जियो का फोकस
जियो प्लेटफॉर्म्स अब अपने कारोबार को टेलीकॉम सेवाओं से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार पर ध्यान दे रही है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो अपने विशाल ग्राहक आधार के जरिए डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में नए अवसर तलाश रही है।
बताया गया है कि कंपनी के पास करीब 53.33 करोड़ ग्राहक हैं। इतने बड़े ग्राहक आधार के साथ जियो का लक्ष्य डिजिटल सेवाओं से कमाई बढ़ाना और तकनीक आधारित कारोबार को मजबूत करना है।
क्या निवेशकों को होगा फायदा?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को तेजी से मिला सब्सक्रिप्शन निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी का संकेत है। हालांकि, किसी आईपीओ का जल्दी सब्सक्राइब होना इस बात की गारंटी नहीं है कि लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ेगी।
निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
कुल मिलाकर, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने शुरुआती दौर में मजबूत मांग हासिल की है। अब निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों, शेयर आवंटन और लिस्टिंग पर रहेगी।