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Jantar Mantar Protest: CJP के तीन नेता 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, तिहाड़ जेल भेजे गए

Jantar Mantar Protest: CJP के तीन नेता 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, तिहाड़ जेल भेजे गए

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है। तीनों नेताओं को 14 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया गया था। यह कार्रवाई जंतर-मंतर परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और प्रदर्शन करने से जुड़े मामले में की गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है।

बैरिकेडिंग पार कर परिसर में पहुंचने का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को CJP के नेता अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। उस समय इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी और प्रवेश द्वार बंद थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर परिसर में दाखिल हुए और वहां नारेबाजी शुरू कर दी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए पार्टी के तीन नेताओं समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस ने कथित तौर पर प्रतिबंधित या बिना अनुमति वाले क्षेत्र में प्रवेश करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस थाने ले जाया गया। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मामले में लगभग 11 से 14 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई के बीच थाने और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई। अधिकारियों की ओर से मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।

शांति बनाए रखने के बांड से जुड़ा मामला

इस प्रकरण में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले दिए गए बांड की शर्तों के उल्लंघन का आरोप भी शामिल बताया जा रहा है। खबर के अनुसार, इससे पहले भी कुछ नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें भविष्य में शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया था। पुलिस का आरोप है कि दोबारा जंतर-मंतर पहुंचने की घटना को पहले की शर्तों के संदर्भ में देखा जा रहा है। इस मामले में लागू कानूनी प्रावधानों और न्यायिक आदेश के सटीक विवरण की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद

CJP की ओर से प्रदर्शन स्थल को लेकर आपत्ति जताए जाने की जानकारी दी गई है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन स्थलों की सूची में बदलाव के बाद भी वह अपनी मांगों को उठाना जारी रखेगी। संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान और तारीख तय करने की कोशिश किए जाने की बात भी कही गई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई है।

आगे क्या होगा?

तीनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी के बाद अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। प्रकरण में पुलिस के आरोप, पार्टी का पक्ष और संबंधित मजिस्ट्रेट के आदेश की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद घटनाक्रम की अधिक स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

नोट: न्यायिक हिरासत में भेजा जाना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।


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