कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और एमके स्टालिन समेत कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इन नेताओं की पोस्ट साझा करते हुए उनका आभार जताया। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जारी वीडियो संदेश में दीपके ने तिरंगा लहराने, विरोध-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी से लेकर केजरीवाल तक, दीपके ने किस-किस को कहा धन्यवाद?
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। नागपुर से दिल्ली लौटते समय उन्होंने राहुल गांधी की पोस्ट को रीपोस्ट किया और दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए धन्यवाद दिया।
दीपके ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए लिखा कि आशुतोष और सौरव की कथित गैरकानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए धन्यवाद, राहुल गांधी सर।
उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे तथा लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा की प्रतिक्रियाओं पर भी आभार जताया। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पोस्ट को भी उन्होंने साझा किया।
पीएम मोदी को वीडियो संदेश, तिरंगे को लेकर उठाया सवाल
नेताओं को धन्यवाद देने के साथ ही अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक वीडियो संदेश भी जारी किया। करीब 45 सेकेंड के इस वीडियो में उन्होंने सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय ध्वज लहराना भी अपराध बन गया है?
दीपके ने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके मुताबिक, दोनों को पता था कि जंतर-मंतर जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में विरोध और प्रदर्शन की आवाज को दबाया जा रहा है।
'दम है तो आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी घोषित करें'
अपने वीडियो संदेश में दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार विरोध-प्रदर्शन नहीं चाहती, तो उसे खुलकर अपनी नीति बतानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के पीछे छिपकर कार्रवाई कर रही है।
दीपके ने अपने बयान में आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी घोषित कर देनी चाहिए, यदि सरकार देश में विरोध और प्रदर्शन की अनुमति नहीं देना चाहती। उन्होंने तिरंगे के सम्मान और नागरिकों की आवाज को लेकर भी सवाल उठाए।
ये बयान दीपके की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
CJP के आधिकारिक अकाउंट से भी आया बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भी बयान जारी किया गया। पार्टी ने सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों के नजरिए से उठाया।
बयान में कहा गया कि आने वाली पीढ़ियां इस घटना की तस्वीरें देखकर सवाल करेंगी कि पुलिस लोगों को तिरंगा लहराने से क्यों रोक रही थी। पार्टी ने यह भी सवाल किया कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने वालों को जेल क्यों भेजा गया।
CJP ने अपने बयान में चेतावनी दी कि तिरंगा लहराने वालों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत हो सकता है। पार्टी ने इसे तानाशाही की शुरुआत से जोड़ते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। राहुल गांधी, केजरीवाल और अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाओं को साझा कर दीपके ने विपक्षी समर्थन के लिए आभार जताया, जबकि अपने वीडियो संदेश में केंद्र सरकार को घेरा।
अब इस घटनाक्रम में नेताओं के बयानों के साथ राष्ट्रीय ध्वज, विरोध-प्रदर्शन और नागरिक अधिकारों को लेकर बहस भी जुड़ गई है।