कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धान खरीदी व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। तालाकुर्रा धान उपार्जन केंद्र में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान 1 करोड़ 14 लाख 47 हजार 308 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद पुलिस ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की सहकारी समितियों में हड़कंप मच गया है।
समिति प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित मरकाटोला के प्रबंधक संतोष राजपूत ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्र में खरीदी और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धान खरीदी प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और चौकीदार के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और गबन सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
41 हजार क्विंटल से अधिक धान की हुई थी खरीदी
शिकायत के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान तालाकुर्रा धान उपार्जन केंद्र में 41,223 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इनमें से 37,396.52 क्विंटल धान का परिवहन मिलरों और संग्रहण केंद्रों तक किया जा चुका है। रिकॉर्ड के सत्यापन के दौरान वित्तीय अनियमितता सामने आने पर मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
समिति प्रबंधक ने शिकायत में कहा है कि सहकारी समिति के कर्मचारी छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 87 के तहत लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में यदि पद का दुरुपयोग कर समिति की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने किसानों और समिति के हितों की रक्षा के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों और धान खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।