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इंदौर डबलडेकर ब्रिज का बुलेट से निरीक्षण, कैलाश विजयवर्गीय के साथ दिखे तुलसी सिलावट

इंदौर डबलडेकर ब्रिज का बुलेट से निरीक्षण, कैलाश विजयवर्गीय के साथ दिखे तुलसी सिलावट

इंदौर। इंदौर के लव-कुश चौराहे पर बने डबलडेकर ब्रिज का निरीक्षण शनिवार को खास अंदाज में किया गया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुलेट बाइक चलाकर फ्लाईओवर पर पहुंचे, जबकि जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पीछे बैठे नजर आए। दोनों मंत्रियों ने हेलमेट पहन रखा था। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, तकनीकी विशेषताओं और शहर की यातायात व्यवस्था में इसकी भूमिका का जायजा लिया। करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर की दूसरी भुजा का लोकार्पण 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।

सड़क और मेट्रो के लिए अलग-अलग स्तर

लव-कुश चौराहे पर बना यह डबलडेकर ब्रिज इंदौर के प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसकी खासियत यह है कि इसमें सड़क यातायात और मेट्रो ट्रैक के लिए अलग-अलग स्तरों की व्यवस्था की गई है। कैलाश विजयवर्गीय ने परियोजना की तकनीकी जटिलताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके निर्माण में इंजीनियरों के साथ विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करनी पड़ी। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने भी इस परियोजना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस ब्रिज का उद्देश्य व्यस्त लव-कुश चौराहे पर यातायात को व्यवस्थित करना और शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

28 अक्टूबर को दूसरी भुजा के लोकार्पण की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 जुलाई 2026 को इस फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया था। इसके बाद अरबिंदो अस्पताल से बाणगंगा की दिशा में वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। अब दूसरी भुजा के लोकार्पण के साथ चौराहे पर यातायात के लिए एक और मार्ग उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर, बाणगंगा और एमआर-10 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सुविधा मिल सकती है। इंदौर से उज्जैन तक आवागमन और एयरपोर्ट से उज्जैन की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह कनेक्टिविटी उपयोगी मानी जा रही है। हालांकि, वास्तविक यातायात लाभ दूसरी भुजा शुरू होने और लागू किए जाने वाले ट्रैफिक प्लान पर निर्भर करेगा।

सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर परियोजना का महत्व

उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के इंदौर आने-जाने की संभावना है। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाना यातायात प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। लव-कुश डबलडेकर ब्रिज की दूसरी भुजा शुरू होने से इस क्षेत्र में वाहनों के दबाव को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। परियोजना से इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी संभावित लाभ मिलेगा।

अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान विधायक रमेश मेंदोला, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक और निरीक्षण के दौरान 28 अक्टूबर के कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गई। इनमें मंच और डोम का निर्माण, बैठने की व्यवस्था, बिजली, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन, पेयजल, भोजन, पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन जैसे इंतजाम शामिल हैं।

दूसरी भुजा शुरू होने के बाद क्या बदलेगा?

डबलडेकर ब्रिज की दूसरी भुजा चालू होने के बाद लव-कुश चौराहे पर यातायात संचालन के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकता है। इससे शहर के व्यस्त मार्गों पर आवाजाही को सुगम बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रैफिक जाम में कितनी कमी आएगी और अलग-अलग दिशाओं में वाहनों की आवाजाही किस प्रकार संचालित होगी, इसका आकलन ब्रिज शुरू होने के बाद लागू यातायात व्यवस्था के आधार पर ही किया जा सकेगा।

 


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