गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। छुरा विकासखंड के छुरा-कुसमी मार्ग पर बरसाती नाले के ऊपर बना कोसमबुड़ा पुल तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
कई गांवों की आवाजाही बंद
पुल क्षतिग्रस्त होने से नवापारा, सारागांव, दुल्ला, चुरकीदादर, बम्हनी समेत आसपास के कई गांवों के लोगों का छुरा मुख्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। यह मार्ग ओडिशा की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में भी शामिल है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर वाहनों और पैदल आवाजाही पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों को अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी पड़ रही है।
सोमवार से बढ़ सकती है परेशानी
रविवार होने के कारण सरकारी कार्यालय और स्कूल बंद हैं, लेकिन सोमवार से नियमित गतिविधियां शुरू होने के बाद हजारों लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों और व्यापारियों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे मार्गों से आवागमन करना पड़ सकता है।
पुराने पुल को बदलने की मांग फिर हुई तेज
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कोसमबुड़ा पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। कई बार नए पुल के निर्माण की मांग संबंधित विभाग और प्रशासन के सामने रखी गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। पहली ही तेज बारिश में पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों के लिए तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए और नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ेंगे।
फिलहाल स्थिति
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।